लखनऊ, 28 दिसंबर 2025 उत्तर भारत में लगातार बढ़ती ठंड और शीतलहर ने आम आम इंसान को बुरी तरह प्रभावित किया है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ भी इस कड़ाके की ठंड की चपेट में है। सुबह और रात के समय तापमान में भारी गिरावट, घना कोहरा और सर्द हवाओं के चलते खासकर बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर खतरा बढ़ गया है। इसी को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने एक अहम और राहत भरा निर्णय लिया है। लखनऊ के जिलाधिकारी एवं जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) द्वारा सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त स्कूलों में अवकाश की घोषणा की गई है।
इस आदेश के अनुसार जिले के सभी राजकीय, अशासकीय सहायता प्राप्त एवं मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में, प्री-प्राइमरी से लेकर कक्षा 12 तक, 29 दिसंबर 2025 से 1 जनवरी 2026 तक अवकाश रहेगा। यह निर्णय बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को देखते हुए निर्णय लिया गया है। यह आदेश यूपी बोर्ड, सीबीएसई, आईसीएसई सहित सभी बोर्डों से संबद्ध विद्यालयों पर समान रूप से लागू होगा।
ठंड और शीतलहर का बढ़ता प्रकोप
पिछले कुछ दिनों से लखनऊ सहित पूरे उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज लगातार बिगड़ा हुआ है। न्यूनतम तापमान सामान्य से कई डिग्री नीचे चला गया है। सुबह के समय दृश्यता बेहद कम हो रही है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है। ठंडी हवाओं और कोहरे के कारण छोटे बच्चों को स्कूल भेजना अभिभावकों के लिए चिंता का विषय बन गया था।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की ठंड में बच्चों में सर्दी-जुकाम, बुखार, निमोनिया और अन्य श्वसन संबंधी बीमारियों का खतरा काफी बढ़ जाता है। ऐसे में प्रशासन द्वारा स्कूलों में अवकाश घोषित करना एक आवश्यक कदम माना जा रहा है। बच्चों मे खुशी का लहर है |
जिलाधिकारी का आदेश
लखनऊ के जिलाधिकारी द्वारा जारी आदेश में साफ कहा गया है कि मौसम विभाग के पूर्वानुमान और वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए यह अवकाश घोषित किया गया है। आदेश में यह भी निर्देश दिया गया है कि सभी स्कूल प्रबंधन इस फैसले का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा।
इस आदेश की प्रमाणिकता आधिकारिक वेबसाइट https://lucknow.nic.in पर देखी जा सकती है। प्रशासन ने पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इसे सार्वजनिक प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
किन स्कूलों पर लागू होगा यह आदेश
यह अवकाश मुख्य रूप से निम्नलिखित स्कूलों पर लागू होगा:
- राजकीय विद्यालय
- अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालय
- मान्यता प्राप्त निजी विद्यालय
- सभी बोर्डों (यूपी बोर्ड, सीबीएसई, आईसीएसई, अन्य) से संबद्ध स्कूल
- प्री-प्राइमरी से कक्षा 12 तक के सभी छात्र
अभिभावकों और छात्रों को राहत
इस फैसले से अभिभावकों और छात्रों दोनों को बड़ी राहत मिली है। अभिभावक लंबे समय से प्रशासन से यह मांग कर रहे थे कि अत्यधिक ठंड को देखते हुए स्कूलों में अवकाश घोषित किया जाए। छोटे बच्चों को सुबह-सुबह ठंड में स्कूल भेजना कई परिवारों के लिए मुश्किल हो गया था।
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छात्रों के लिए भी यह अवकाश न केवल स्वास्थ्य की दृष्टि से फायदेमंद है, बल्कि उन्हें नए साल से पहले कुछ दिन का आराम और परिवार के साथ समय बिताने का मौका भी देगा। खासकर बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए यह समय स्वयं अध्ययन और पुनरावृत्ति का अवसर बन सकता है। फ़रवरी से सीबीएसई और यूपी बोर्ड की परीक्षाओं शुरू होने वाली है |
स्कूल प्रबंधन को सख्त निर्देश
जिला प्रशासन ने स्कूल प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी स्थिति में इस आदेश का उल्लंघन न किया जाए। यदि कोई स्कूल अवकाश के बावजूद कक्षाएं संचालित करता पाया गया, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
साथ ही यह भी कहा गया है कि यदि मौसम की स्थिति और अधिक खराब होती है, तो अवकाश की अवधि को आगे बढ़ाया जा सकता है। ऐसे में स्कूलों और अभिभावकों को प्रशासन द्वारा जारी किए जाने वाले नए निर्देशों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।
मीडिया और सूचना विभाग की भूमिका
आदेश की प्रतिलिपि जिला सूचना अधिकारी (DIO, NIC) को भी भेजी गई है, ताकि इसे जनपद की वेबसाइट के मुख्य पृष्ठ पर प्रमुखता से प्रदर्शित किया जा सके। इसके अलावा उप निदेशक सूचना, लखनऊ को निर्देश दिया गया है कि इस खबर को समाचार पत्रों और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से व्यापक रूप से प्रचारित किया जाए।
अन्य जिलों में भी इसी तरह के फैसले
लखनऊ का यह फैसला उत्तर प्रदेश के कई अन्य जिलों में लिए गए समान निर्णयों की कड़ी का हिस्सा है। कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, गाजियाबाद, नोएडा जैसे शहरों में भी ठंड के कारण स्कूलों के समय में बदलाव या अवकाश की घोषणाएं की जा चुकी हैं।
राज्य सरकार और जिला प्रशासन मिलकर यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहे हैं कि बच्चों की शिक्षा के साथ-साथ उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य से कोई समझौता न हो।









