बलिया जिले के सहतवार क्षेत्र के छोटे से गाँव सुरहिया से एक बड़ी खुशखबरी आई है। यहाँ की बेटी कुमारी निधि वर्मा ने उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की AGTA परीक्षा में सफलता हासिल कर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है।

खबर फैलते ही गाँव का माहौल एकदम बदल गया। घर के बाहर लोगों की भीड़ जमा होने लगी। मिठाइयाँ बँटने लगीं। परिजन, पड़ोसी, रिश्तेदार — एक के बाद एक बधाई देने पहुँचने लगे। जो लोग सालों से निधि को पढ़ते हुए देखते आए थे, उनकी आँखों में आज गर्व के आँसू थे। यह पल सिर्फ एक परिवार का नहीं, पूरे गाँव का था।
कौन हैं कुमारी निधि वर्मा?
निधि वर्मा, श्री नवल किशोर वर्मा की सुपुत्री हैं। ग्राम सुरहिया, पोस्ट सहतवार, जनपद बलिया — यही उनकी पहचान है। एक साधारण परिवार, साधारण गाँव, लेकिन सपने बिल्कुल असाधारण।
न कोई बड़ा coaching institute, न शहर की सुविधाएँ, न महंगे study materials। बस एक लक्ष्य था — और उसे पाने की अटूट जिद। यही जिद आज उन्हें UPSSSC AGTA की merit list तक ले आई।
परिजनों ने बताया कि निधि बचपन से ही पढ़ाई के प्रति गंभीर थीं। जब बाकी बच्चे खेलते थे, तो वो किताबों में डूबी रहती थीं। यह कोई दिखावा नहीं था — यह उनका स्वभाव था। घर में किसी ने उन्हें कभी पढ़ने के लिए जबरदस्ती नहीं करनी पड़ी।
कैसी रही उनकी तैयारी?
UPSSSC AGTA कोई आसान परीक्षा नहीं है। हजारों अभ्यर्थी हर साल इसमें बैठते हैं, लेकिन सफलता कुछ गिने-चुने लोगों को ही मिलती है। निधि उन्हीं में से एक बनीं।
ग्रामीण परिवेश में पली-बढ़ी एक लड़की के लिए यह रास्ता आसान नहीं था। बिजली की समस्या हो, घर की जिम्मेदारियाँ हों, या संसाधनों की कमी — हर चुनौती को उन्होंने चुपचाप पार किया। शिकायत नहीं, सिर्फ मेहनत।
सफलता मिली तो श्रेय किसे दिया?
यह सवाल जब निधि से पूछा गया, तो उनका जवाब बेहद सादा और दिल को छूने वाला था।
“माँ-पापा की दुआएँ और गुरुजनों का आशीर्वाद न होता, तो यह मुमकिन नहीं था। मेहनत, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच से कोई भी लक्ष्य पाया जा सकता है।”
यह वाक्य सुनकर कई लोगों की आँखें भर आईं। क्योंकि यह सिर्फ शब्द नहीं थे — यह उनके संघर्ष की सच्ची कहानी थी। जिस परिवार ने सीमित साधनों में भी बेटी की पढ़ाई को प्राथमिकता दी, आज उस परिवार की आँखों में गर्व था।
गाँव में खुशी का माहौल
जैसे ही AGTA चयन की खबर फैली, सुरहिया गाँव में उत्सव का माहौल बन गया। गाँव के बुजुर्ग, युवा, महिलाएँ — सब एक साथ खुश थे।
गाँव के गणमान्य लोगों ने कहा कि निधि की यह सफलता सिर्फ उनके परिवार की नहीं, पूरे क्षेत्र की जीत है। सहतवार और आसपास के इलाकों में ऐसी सफलताएँ कम देखने को मिलती हैं — इसीलिए यह और भी खास है।
बलिया की बेटियों के लिए एक प्रेरणा
बलिया जिले के ग्रामीण इलाकों में आज भी लड़कियों की उच्च शिक्षा और सरकारी नौकरी को लेकर कई सामाजिक और आर्थिक चुनौतियाँ हैं। ऐसे माहौल में जब कोई बेटी UPSSSC जैसी प्रतिस्पर्धी परीक्षा में सफल होती है, तो उसका असर सिर्फ उस घर तक नहीं रहता।
निधि वर्मा की यह सफलता क्षेत्र की उन तमाम लड़कियों के लिए एक जीती-जागती मिसाल है जो सपने तो देखती हैं, लेकिन हालात देखकर रुक जाती हैं। निधि का संदेश साफ है — हालात बदलने का इंतजार मत करो, हालातों के बावजूद आगे बढ़ो।
शिक्षकों और स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि निधि की कहानी आने वाले वर्षों में और भी बेटियों को प्रेरित करेगी। यह एक उदाहरण है जो बताता है कि गाँव में रहकर, सीमित साधनों में भी, सरकारी नौकरी का सपना पूरा किया जा सकता है।
क्षेत्रवासियों की बधाई और शुभकामनाएँ
इस अवसर पर सहतवार और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोगों ने निधि वर्मा को बधाई दी। सोशल मीडिया पर भी उनकी सफलता की खबर तेज़ी से फैली और शुभकामनाओं का तांता लग गया।
लोगों का कहना है कि निधि का यह सफर यहीं नहीं रुकेगा। उनकी लगन और मेहनत को देखते हुए, आने वाले दिनों में वो और भी ऊँचाइयाँ छुएँगी।










