बलिया, 27 मार्च 2026 – बलिया जिले के प्रमुख धार्मिक स्थल महर्षि भृगु मंदिर को नई पहचान मिलने जा रही है। जिले में धार्मिक और पर्यटन विकास को नई दिशा देने के लिए “महर्षि भृगु कॉरिडोर” की महत्वाकांक्षी योजना तैयार की गई है। इस परियोजना की अनुमानित लागत 65 करोड़ रुपये है और यह 10,520 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में विकसित होगी। कॉरिडोर पवित्र गंगा नदी को ऐतिहासिक ददरी मेला क्षेत्र से जोड़ेगा।
परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के प्रयासों से इस परियोजना को शासन स्तर पर मंजूरी मिल गई है। मुख्य राजस्व अधिकारी त्रिभुवन की अध्यक्षता में गठित समिति ने भृगु कमेटी, चित्रगुप्त कमेटी और स्थानीय पुजारियों के साथ बैठक कर सुझाव लिए हैं। समिति में नगर मजिस्ट्रेट, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता, सदर उपजिलाधिकारी और नगर पालिका परिषद के अधिकारी शामिल हैं।
भृगु कॉरिडोर की मुख्य विशेषताएं
- मंदिर परिसर का विस्तार और सुंदरीकरण
- चौड़ी सड़कें, बेहतर पार्किंग और आवागमन व्यवस्था
- श्रद्धालुओं के लिए शेड, शौचालय, पीने का पानी, बैठने की जगह
- आधुनिक लाइटिंग, सीसीटीवी और सुरक्षा व्यवस्था
- ददरी मेला क्षेत्र का सौंदर्यीकरण
- धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने वाला आकर्षक डिजाइन
क्यों बलिया मे जरूरी है यह कॉरिडोर?
हर वर्ष कार्तिक पूर्णिमा पर 5 लाख से अधिक श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए यहां आते हैं। ददरी मेले के दौरान यह संख्या 50 लाख के पार पहुंच जाती है। गुरु पूर्णिमा, दीपावली और होली जैसे त्योहारों पर भी भारी भीड़ उमड़ती है। कॉरिडोर बनने से इन सभी श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
आगे की प्रक्रिया
- आर्किटेक्ट प्लान तैयार हो चुका है
- नगर पालिका की परिसंपत्तियों और विद्युत विभाग के शिफ्टिंग खर्च का आकलन पूरा
- परिसंपत्ति अधिग्रहण पर लगभग 5 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान
- प्रस्ताव पर्यटन विभाग के माध्यम से शासन को भेजा जाएगा
- बजट का प्रावधान शासन स्तर पर किया जा चुका है
मुख्य राजस्व अधिकारी त्रिभुवन ने कहा कि यह परियोजना केवल मंदिर का विकास नहीं, बल्कि बलिया को एक नई धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान देने वाली है।
स्थानीय श्रद्धालुओं और नागरिकों ने इस योजना का स्वागत किया है। एक स्थानीय पुजारी ने कहा, “यह कॉरिडोर बनने से मंदिर की भव्यता बढ़ेगी और दूर-दूर से श्रद्धालु आ सकेंगे।”









