RBI के नए नियम के तहत 1 अप्रैल 2027 से क्रेडिट कार्ड की ड्यू डेट के 3 दिन के अंदर पेमेंट करने पर कोई लेट फीस या पेनल्टी नहीं लगेगी। CIBIL स्कोर पर भी तुरंत असर नहीं पड़ेगा। लेट फीस अब पूरे बिल पर नहीं, बल्कि सिर्फ बकाया राशि पर लगेगी।
ये नया नियम 1 अप्रैल 2027 से लागू होगा और लाखों क्रेडिट कार्ड यूजर्स को फायदा पहुंचाएगा।
क्या है RBI का नया क्रेडिट कार्ड नियम?
पहले बहुत सारे बैंक ड्यू डेट के अगले दिन ही अकाउंट को पुराना ड्यू मान लेते थे और लेट पेमेंट चार्ज लगा देते थे। अब RBI ने साफ कर दिया है कि:
- अगर आप बिल के ड्यू डेट के 3 दिन के भीतर पेमेंट कर देते हैं, तो आपका अकाउंट past due नहीं माना जाएगा।
- लेट पेमेंट चार्ज या अन्य पेनल्टी भी केवल 3 दिन से ज्यादा देरी होने पर ही लगेगी।
- CIBIL क्रेडिट स्कोर पर भी तुरंत असर नहीं पड़ेगा। छोटी देरी रिपोर्ट नहीं होगी।
ये बदलाव क्रेडिट कार्ड इंडस्ट्री में एकरूपता लाने और ग्राहकों को अनावश्यक परेशानी से बचाने के लिए किया गया है।
लेट फीस अब कैसे लगेगी? (सबसे बड़ा फायदा)
यह नियम सिर्फ 3 दिन की राहत तक सीमित नहीं है। RBI ने लेट फीस की गणना का तरीका भी बदला है:
- पहले कई मामलों में लेट फीस पूरे बिल अमाउंट पर लगाई जाती थी।
- अब फीस सिर्फ उस बकाया राशि (outstanding amount) पर लगेगी, जो ड्यू डेट के बाद बाकी रह गई है।
उदाहरण से समझें :
मान लीजिए आपका कुल बिल ₹50,000 है और आपने ₹40,000 जमा कर दिए। सिर्फ ₹10,000 बाकी है।
नए नियम के तहत लेट फीस केवल ₹10,000 पर ही लगेगी, पूरे ₹50,000 पर नहीं। इससे आपका अतिरिक्त बोझ काफी कम हो जाएगा।
ध्यान दें: Days past due की गिनती अभी भी ड्यू डेट से ही शुरू होगी, लेकिन पेनल्टी और रिपोर्टिंग 3 दिन बाद होगी।
इस नियम का ग्राहकों पर क्या असर पड़ेगा?
पॉजिटिव साइड:
- 1-3 दिन की छोटी देरी पर तनाव कम होगा।
- अनचाहे लेट चार्ज और क्रेडिट स्कोर पर तुरंत नकारात्मक असर से बचाव।
- खासकर उन लोगों के लिए राहत जो कभी-कभी भूल जाते हैं या टेक्निकल समस्या आ जाती है।
- लेट फीस की राशि कम होने से कुल खर्चा घटेगा।
महत्वपूर्ण चेतावनी:
ये 3 दिन की राहत आपको लापरवाह होने की छूट नहीं देती।
- ब्याज (Interest) ड्यू डेट के अगले दिन से ही लगना शुरू हो जाएगा।
- लंबे समय तक देरी करने पर क्रेडिट स्कोर, रिलेशनशिप और भविष्य के लोन पर असर पड़ेगा।
- समय पर पेमेंट करना अभी भी सबसे स्मार्ट और सस्ता विकल्प है।
क्यों लाया गया ये बदलाव?
RBI का मकसद है कि क्रेडिट कार्ड नियम पूरे देश में एक समान हों और ग्राहकों के साथ खराब व्यवहार न हो। पहले अलग-अलग बैंकों के नियम अलग-अलग थे, जिससे कन्फ्यूजन रहता था। इसमे transparency बढ़ाएगा और पेनल्टी को overdue अमाउंट के हिसाब से proportionate बनाएगा।
पेनल्टी से कैसे बचें?
- ऑटो डेबिट सेट कर लें चाहे गूगल पे हो या फोन पे या अन्य प्रकार का (लेकिन बैलेंस चेक करते रहें)।
- ड्यू डेट से कम से कम 4-5 दिन पहले पेमेंट कर दें। आपका सिविल स्कोर बढ़ेगा
- मोबाइल ऐप पर रिमाइंडर ऑन रखें।
- स्टेटमेंट नियमित चेक करें – कभी-कभी बिलिंग एरर भी हो सकता है।
- अगर फाइनेंशियल दिक्कत है तो बैंक से पहले संपर्क करें, वे अक्सर मदद करते हैं।
हां, भारत में काम कर रहे सभी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों और NBFC (नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों) पर लागू होगा ।
क्रेडिट कार्ड बिल भुगतान के लिए मिलने वाले 3 दिनों के ग्रेस पीरियड (Grace Period) में रविवार और बैंक छुट्टियों (Holidays) भी गिनती की जाएगी।
लेट फीस एक “जुर्माना” है, जबकि ब्याज बकाया राशि पर लगने वाला “शुल्क” है।
यदि बैंक गलती से पेनाल्टी (Late Payment Charges) लगाता है, तो आप 3 दिनों की ग्रेस अवधि (Grace Period) के अंदर इसे वापस करा सकते हैं।
ड्यू डेट (Due Date) के बाद 3 दिनों तक लेट फीस (Late Fee) या पेनल्टी नहीं लगेगी। यह ग्रेस पीरियड 1 अप्रैल 2027 से अनिवार्य रूप से लागू होगा। इसके अलावा, लेट फीस अब केवल अवैतनिक शेष राशि (Unpaid Amount) पर लगेगी, न कि पूरे बिल पर।
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