---Advertisement---

केंद्रीय बजट 2026-27: हाई-स्पीड रेल, सेमीकंडक्टर मिशन और युवा रोजगार पर फोकस ,टैक्स राहत नहीं

Union Budget 2026-27 :

February 1, 2026 12:11 PM
केंद्रीय बजट 2026-27: युवा शक्ति पर केंद्रित, पूंजीगत व्यय 12.2 लाख करोड़, राजकोषीय घाटा 4.3% पर, कोई बड़ा कर राहत नहीं
---Advertisement---

नई दिल्ली, 1 फरवरी 2026 – वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए केंद्रीय बजट पेश किया। यह बजट ‘युवा शक्ति संचालित’ बताया गया है, जिसमें गरीब, शोषित और वंचित वर्गों पर विशेष ध्यान दिया गया है। बजट में आर्थिक स्थिरता, रोजगार सृजन, उत्पादकता बढ़ाने और विकास को गति देने पर जोर है। वित्त मंत्री ने कहा कि यह बजट ‘सबका साथ, सबका विकास’ के संकल्प को मजबूत करेगा और तीन प्रमुख कर्तव्यों – आर्थिक वृद्धि तेज करना, लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना और सबका साथ – पर आधारित है।

बजट में कोई बड़ा आयकर स्लैब बदलाव नहीं किया गया है, जबकि पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) को 12.2 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ाया गया है। राजकोषीय घाटा जीडीपी का 4.3% रखा गया है, जो पिछले वर्ष के 4.4% से कम है। कुल व्यय 53.5 लाख करोड़ रुपये अनुमानित है, जबकि गैर-ऋण प्राप्तियां 36.5 लाख करोड़ रुपये रहेंगी। अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 7-7.5% रहने का अनुमान है, जो उपभोक्ता खर्च और निवेश से समर्थित होगी।

Union Budget 2026-27 : बजट की मुख्य विशेषताएं और आर्थिक संदर्भ

वित्त मंत्री ने बजट भाषण में कहा कि भारत ने 350 से अधिक संरचनात्मक सुधार किए हैं, जिसमें जीएसटी सरलीकरण, श्रम संहिता और क्वालिटी कंट्रोल ऑर्डर का तर्कसंगतकरण शामिल है। उच्च स्तरीय समितियां गठित की गई हैं और राज्यों के साथ सहयोग से डी-रेगुलेशन पर काम हो रहा है। बजट चार स्तंभों पर टिका है – लोगों पर केंद्रित विकास, विश्वास आधारित शासन, कारोबार और जीवन में आसानी, वित्तीय स्थिरता और विकास की नींव मजबूत करना।

वित्त मंत्री ने जोर दिया कि युवा भारत की जनसांख्यिकीय लाभांश का मुख्य आधार हैं। बजट में एमएसएमई, स्टार्टअप और युवा रोजगार पर फोकस है। नया आयकर अधिनियम 2025 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा, जो कर नियमों को सरल बनाएगा। कोई बड़ा कर राहत नहीं है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में छूट और प्रोत्साहन दिए गए हैं।

राजकोषीय पैमाने और आवंटन

  • राजकोषीय घाटा: 4.3% (बीई 2026-27), 2030 तक 50±1% ऋण-जीडीपी अनुपात का लक्ष्य।
  • सार्वजनिक पूंजीगत व्यय: 12.2 लाख करोड़ रुपये (9% की वृद्धि)।
  • कुल व्यय: 53.5 लाख करोड़ रुपये।
  • मुख्य आवंटन: रक्षा 5.94 लाख करोड़, परिवहन 5.98 लाख करोड़, ग्रामीण विकास 2.73 लाख करोड़, गृह मंत्रालय 2.55 लाख करोड़, कृषि 1.62 लाख करोड़, शिक्षा 1.39 लाख करोड़, स्वास्थ्य 1.04 लाख करोड़।

Union Budget मे कर सुधार और बदलाव

आयकर स्लैब में कोई बदलाव नहीं, लेकिन कुछ राहतें:

  • टीसीएस दरें कम (ओवरसीज टूर, शिक्षा, मेडिकल पर 5% से 2%)।
  • आईटी सेवाओं के लिए सेफ हार्बर सीमा 2,000 करोड़ रुपये, 15.5% दर।
  • क्लाउड सेवाओं के लिए 2047 तक टैक्स हॉलीडे।
  • अनिवासियों को MAT छूट।
  • एसटीटी फ्यूचर्स पर 0.05% और ऑप्शंस पर 0.15% बढ़ाई गई।
  • 17 कैंसर दवाओं पर बीसीडी छूट।
  • एनआरआई प्रॉपर्टी खरीद पर टीएएन जरूरी नहीं, पीएएन से काम चलेगा।

बजट मे एमएसएमई और रोजगार पर फोकस

युवा और एमएसएमई को मजबूत करने के लिए:

  • एसएमई ग्रोथ फंड: 10,000 करोड़ रुपये।
  • आत्मनिर्भर भारत फंड टॉप-अप: 2,000 करोड़।
  • टीआरईडीएस प्लेटफॉर्म अनिवार्य।
  • क्रेडिट गारंटी स्कीम मजबूत।
  • कॉरपोरेट मित्रा कार्यक्रम टियर-2/3 शहरों में।
  • कूरियर एक्सपोर्ट पर 10 लाख की सीमा हटाई।

अवसंरचना और इंडस्ट्री

बुनियादी ढांचे पर जोर:

  • कैपेक्स 12.2 लाख करोड़।
  • अवसंरचना जोखिम गारंटी फंड।
  • सीपीएसई एसेट्स पर REIT।
  • 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर (मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद आदि)।
  • 20 नए राष्ट्रीय जलमार्ग।
  • तटीय कार्गो प्रमोशन स्कीम (2047 तक 12% हिस्सेदारी)।
  • सी-प्लेन VGF स्कीम।
  • CCUS के लिए 20,000 करोड़।
  • इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0।
  • इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग 40,000 करोड़।
  • बायोफार्मा शक्ति 10,000 करोड़।
  • 3 केमिकल पार्क, दुर्लभ धातु गलियारे, कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग 10,000 करोड़।

कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा

  • कृषि: भारत विस्तार AI टूल, लखपति दीदी मार्ट, हाई-वैल्यू एग्रीकल्चर, फिशरीज वैल्यू चेन।
  • स्वास्थ्य: 1.5 लाख केयरगिवर्स ट्रेनिंग, NIMHANS-2, दिव्यांगजन योजनाएं, ट्रॉमा सेंटर्स।
  • शिक्षा: प्रत्येक जिले में गर्ल्स हॉस्टल, AVGC लैब, खेलो इंडिया मिशन, 5 यूनिवर्सिटी टाउनशिप्स।

पर्यटन और अन्य क्षेत्र

  • मेडिकल वैल्यू टूरिज्म हब्स।
  • आयुष अपग्रेड, 3 नए AIIMS आयुर्वेद।
  • इको-ट्रेल्स, ग्लोबल बिग कैट समिट।
  • बौद्ध सर्किट पूर्वोत्तर में।
  • टेक्सटाइल, स्पोर्ट्स गुड्स, टूल रूम्स पर फोकस।

विशेषज्ञों और विपक्ष की प्रतिक्रिया

वित्त मंत्री के भाषण के बाद बाजार में मिश्रित प्रतिक्रिया आई। सेंसेक्स में मामूली गिरावट, लेकिन लंबी अवधि में सकारात्मक देखा जा रहा है। विपक्ष ने इसे ‘मध्यम वर्ग विरोधी’ बताया, क्योंकि कोई टैक्स राहत नहीं। विशेषज्ञों का कहना है कि कैपेक्स फोकस विकास को गति देगा, लेकिन रोजगार सृजन और महंगाई पर असर देखना होगा।

Abhishek

इस वेबसाईट पर आपकी बलिया का न्यूज ,यूपी का न्यूज , हिन्दी समाचार ,बलिया का खबर , बलिया का ब्रेकिंग न्यूज आपतक सबसे पहले अपडेट करता है ।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment