---Advertisement---

मकर संक्रांति 2026: 15 जनवरी को मनाई जाएगी मकर संक्रांति, सूर्य का मकर राशि में प्रवेश रात 9:38 बजे, 2080 तक रहेगी यही तिथि

January 13, 2026 5:02 PM
मकर संक्रांति 2026: 15 जनवरी को मनाई जाएगी मकर संक्रांति, सूर्य का मकर राशि में प्रवेश रात 9:38 बजे, 2080 तक रहेगी यही तिथि
---Advertisement---

लखनऊ/बलिया, 13 जनवरी 2026 – मकर संक्रांति का पर्व इस वर्ष 15 जनवरी को धूमधाम से मनाया जाएगा। ग्रहों के राजा सूर्य 15 जनवरी को धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करेंगे, जिसके साथ ही खरमास समाप्त हो जाएगा और मांगलिक कार्यों की शुरुआत होगी। ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार सूर्य का राशि परिवर्तन रात्रि 9:38 बजे होगा, और मकर संक्रांति वृद्धि योग, शुक्ल पक्ष द्वादशी तिथि तथा ज्येष्ठा नक्षत्र में गुरुवार को मनाई जाएगी। शास्त्रों में उत्तरायण को देवताओं का दिन माना जाता है, जबकि दक्षिणायन को उनकी रात। इस दिन स्नान, दान और पूजा का विशेष महत्व है, जहां साधारण नदी भी गंगा के समान पुण्यदायिनी बन जाती है।

मकर संक्रांति की तिथि: 2080 तक 15 जनवरी रहेगी, उसके बाद 16 जनवरी को शिफ्ट

ज्योतिषविद् आचार्य दैवज्ञ कृष्ण शास्त्री ने बताया कि हर वर्ष सूर्य के राशि परिवर्तन में करीब 20 मिनट की देरी होती है, जो तीन वर्षों में एक घंटे का अंतर पैदा कर देती है। 72 वर्षों में यह फर्क 24 घंटों का हो जाता है, जिससे तिथि में एक दिन की वृद्धि होती है। सूर्य और चंद्रमा मार्गीय ग्रह हैं, इसलिए वे पीछे नहीं चलते। इस गणना के अनुसार, वर्ष 2080 तक मकर संक्रांति 15 जनवरी को ही मनाई जाएगी, लेकिन उसके बाद ज्योतिषीय गणना से तिथि एक दिन आगे बढ़कर 16 जनवरी हो जाएगी।

  • ऐतिहासिक बदलाव: वर्ष 2008 में 72 वर्ष पूरे होने के बावजूद, छह वर्षों तक सूर्य का परिवर्तन प्रातःकाल में होने से 15 जनवरी को ही पर्व मनाया जाता रहा। इससे पहले 1936 से 14 जनवरी, 1864 से 1936 तक 13 जनवरी, और 1792 से 1864 तक 12 जनवरी को मकर संक्रांति मनाई जाती थी।
  • इस वर्ष की विशेषता: सूर्य का मकर राशि प्रवेश रात्रि में होने से खरमास समाप्त होगा, और विवाह, गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्य शुरू हो सकेंगे।
  • धार्मिक महत्व: उत्तरायण में देवताओं का दिन शुरू होता है, जिससे इस अवधि में किए गए दान-पुण्य का फल कई गुना बढ़ जाता है।

आचार्य कृष्ण शास्त्री ने कहा, “मकर संक्रांति के दिन नदी स्नान से गंगा स्नान का पुण्य मिलता है। यह पर्व सूर्य की ऊर्जा और प्रकृति के संतुलन का प्रतीक है।”

बलिया मे मकर संक्रांति कब मनाया जाएगा

उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में मकर संक्रांति का त्योहार इस वर्ष 14 जनवरी 2026 को मनाया जाएगा। द्रिक पंचांग के अनुसार, सूर्य का मकर राशि में प्रवेश 14 जनवरी को दोपहर 3:13 बजे होगा, जो कि बुधवार को पड़ेगा। इस वजह से पर्व की सभी धार्मिक क्रियाएं, जैसे स्नान, दान, पूजा और नेवेद्य, इसी दिन पुण्य काल में किए जाने चाहिए।

मकर संक्रांति की परंपराएं: तिल-गुड़ का दान, पतंगबाजी और खिचड़ी भोग

मकर संक्रांति पर तिल और गुड़ से बने व्यंजनों का दान किया जाता है, जो स्वास्थ्य और समृद्धि का प्रतीक है। उत्तर भारत में खिचड़ी का भोग लगाया जाता है, जबकि दक्षिण में पोंगल मनाया जाता है। पतंग उड़ाना भी इस पर्व की प्रमुख परंपरा है, जो खुशी और उल्लास का संदेश देती है। ज्योतिषियों की सलाह है कि इस दिन सूर्य को अर्घ्य देकर पूजा करें और गरीबों को दान दें।

यह पर्व पूरे देश में विभिन्न नामों से जाना जाता है, जैसे उत्तर भारत में मकर संक्रांति, तमिलनाडु में पोंगल, असम में बिहू और गुजरात में उत्तरायण। 2026 में ठंड के मौसम में मनाए जाने वाले इस त्योहार से लोग सूर्य की किरणों से नई ऊर्जा ग्रहण करेंगे।

बलिया मे मकर संक्रांति कब मनाया जाएगा

उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में मकर संक्रांति का त्योहार इस वर्ष 14 जनवरी 2026 को मनाया जाएगा

Abhishek

इस वेबसाईट पर आपकी बलिया का न्यूज ,यूपी का न्यूज , हिन्दी समाचार ,बलिया का खबर , बलिया का ब्रेकिंग न्यूज आपतक सबसे पहले अपडेट करता है ।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Related Stories

Leave a Comment