प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (PMGKY) भारत सरकार की एक प्रमुख और महत्वपूर्ण सामाजिक कल्याण योजना है, जिसका उद्देश्य देश के गरीब, कमजोर और जरूरतमंद वर्गों को आर्थिक संकट और आपात स्थितियों के दौरान राहत देना है। इस योजना को खासतौर पर उन लोगों के लिए बनाया गया है जिनकी आमदनी बहुत ही कम है और जो महंगाई, बेरोजगारी या आपातकालीन परिस्थितियों से सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं। योजना के माध्यम से सरकार ने गरीब परिवारों को मुफ्त राशन, आर्थिक सहायता और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने का प्रयास किया है ताकि कोई भी व्यक्ति भूख और अभाव का शिकार न हो सके।
PMGKY प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना का इतिहास और उद्देश्य
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (PMGKY) की शुरुआत 2020 में हुई थी, जब देश में कोरोना महामारी के कारण सबसे बड़ा आर्थिक संकट पैदा हो गया था। यह योजना गरीबों और उन लोगों के लिए थी जो महामारी से प्रभावित थे। सरकार ने तत्काल राहत देने के लिए इस योजना की शुरुआत की ताकि गरीब परिवारों को भोजन, धन और अन्य आवश्यक सुविधाएं मिल सकें।
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इस योजना का मुख्य उद्देश्य था:
- गरीब परिवारों को खाद्य सुरक्षा प्रदान करना: ताकि परिवारों को उनके बुनियादी आहार की समस्या का समाधान हो सके।
- आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को सीधी मदद पहुंचाना: संकट के समय में मदद करना ताकि उन्हें बिना किसी प्रकार की बाधा के सहायता मिल सके।
- सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करना: कमजोर वर्ग के लोगों के लिए सरकार की योजनाओं से सीधे मदद पहुंचाना।
- सभी को राहत देना: इस योजना को इस तरह से डिजाइन किया गया था कि इसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और कोई भी भूखा न रहे।
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना कब शुरू हुई?
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (PMGKY) की शुरुआत 2020 में की गई थी। इसका उद्देश्य कोविड-19 महामारी के दौरान गरीब और जरूरतमंद परिवारों को राहत प्रदान करना था। इस योजना के तहत गरीबों को खाद्य सहायता, आर्थिक मदद और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की योजना बनाई गई थी।
(PMGKY) प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के लाभ
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के अंतर्गत सरकार ने गरीब परिवारों के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए, जिनसे उन्हें तत्काल राहत मिल सकी। योजना के प्रमुख लाभ इस प्रकार हैं:
- मुफ्त राशन का लाभ:
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के अंतर्गत आने वाले पात्र परिवारों को हर महीने 5 किलो मुफ्त अनाज देने की व्यवस्था की थी। यह अनाज गेहूं या चावल होता था, जो राज्य सरकार के अनुसार वितरित किया जाता था। इसके माध्यम से करोड़ों गरीबों को मुफ्त खाद्यान्न मिल सका, जिससे उनकी भोजन संबंधी चिंताएं कम हुईं। खासतौर पर, दिहाड़ी मजदूरों, असंगठित क्षेत्र के कामगारों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को इससे बड़ा फायदा हुआ। - आर्थिक सहायता और अन्य लाभ:
इस योजना के तहत सरकार ने कई अन्य आर्थिक और सामाजिक लाभ भी प्रदान किए:- महिलाओं के खातों में सीधी आर्थिक सहायता: महिलाओं को विशेष तौर पर उनकी सामाजिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उनके बैंक खातों में आर्थिक मदद दी गई।
- वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगों को मदद: वृद्धजनों और दिव्यांगों को पेंशन व सहायता राशि प्रदान की गई, जिससे उनकी जीवनशैली को बेहतर बनाया जा सके।
- मजदूरों और असंगठित श्रमिकों के लिए सुरक्षा कवरेज: मजदूरों और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को खासतौर पर स्वास्थ्य और सुरक्षा के संदर्भ में सहायता दी गई।
- सीधे लाभार्थियों को सहायता पहुंचाना:
योजना के अंतर्गत यह सुनिश्चित किया गया था कि इसका लाभ सीधे पात्र व्यक्तियों तक पहुंचे, और बीच में किसी प्रकार की किसी बाधा का सामना न करना पड़े। सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एक सुव्यवस्थित वितरण प्रणाली बनाई, ताकि सहायता का वितरण सटीक और त्वरित हो सके।
पीएम गरीब कल्याण योजना का लाभ कौन उठा सकता है?
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना का लाभ वे लोग उठा सकते हैं, जो निम्नलिखित श्रेणियों में आते हैं:
- जिनके पास राशन कार्ड है: योजना के तहत राशन कार्ड धारक परिवारों को मुफ्त अनाज दिया गया।
- जो गरीबी रेखा से नीचे (BPL) या कमजोर वर्ग में आते हैं: गरीब वर्ग को प्राथमिकता दी गई, जिनकी आमदनी सीमित होती है।
- जो सरकारी लाभार्थी सूची में दर्ज हैं: जिनका नाम सरकार की सूची में है, उन्हें ही यह लाभ दिया गया।
यह सुनिश्चित किया गया कि लाभ केवल उन्हीं लोगों तक पहुंचे जो वास्तव में पात्र हैं और उन्हें इस सहायता की सख्त आवश्यकता है।
पीएम गरीब कल्याण योजना के अंतर्गत आने वाले मंत्रालय
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना को लागू करने के लिए भारत सरकार के वित्त मंत्रालय और स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय प्रमुख रूप से जिम्मेदार थे। इस योजना के तहत मंत्रालयों ने विभिन्न पहलुओं पर काम किया, जैसे आर्थिक सहायता वितरण, खाद्य आपूर्ति और सामाजिक सुरक्षा को सुनिश्चित करना।
पीएम गरीब कल्याण योजना का प्रभाव
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना ने समाज के गरीब और कमजोर वर्गों को मजबूती प्रदान की। इस योजना के कारण:
- भुखमरी की समस्या में कमी आई: मुफ्त राशन और खाद्य सहायता के माध्यम से भुखमरी की समस्या कम हुई।
- गरीबों को राहत मिली: संकट के समय गरीबों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा प्रदान की गई, जिससे वे राहत महसूस करने लगे।
- सरकारी योजनाओं पर विश्वास बढ़ा: यह योजना सरकारी योजनाओं पर लोगों का विश्वास बढ़ाने में मददगार साबित हुई, क्योंकि इससे गरीबों को तत्काल राहत मिली।
- सामाजिक सुरक्षा में वृद्धि: इस योजना के माध्यम से देश में सामाजिक सुरक्षा को एक मजबूत दिशा मिली और लोगों को सरकार से सहायता प्राप्त होने का विश्वास हुआ।
पीएम गरीब कल्याण योजना के प्रमुख बाते
- योजना का उद्देश्य: गरीब परिवारों को खाद्य सुरक्षा देना, सीधी आर्थिक मदद प्रदान करना, और संकट के समय जीवनयापन को आसान बनाना।
- प्रारंभिक वर्ष: 2020 में इस योजना की शुरुआत हुई थी।
- लाभार्थियों की स्थिति: राशन कार्ड धारक, बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) परिवार, और सरकारी सूची में नामांकित लोग इसका लाभ उठा सकते हैं।
- नोडल मंत्रालय: वित्त मंत्रालय और स्वास्थ्य मंत्रालय प्रमुख नोडल मंत्रालय हैं, जो इस योजना के तहत काम कर रहे हैं।










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