बलिया, 27 फरवरी 2026 – उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में बसपा के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह के ठिकानों पर आयकर विभाग (IT) की छापेमारी तीसरे दिन भी जारी रही। रसड़ा विधानसभा सीट से विधायक उमाशंकर सिंह के खनवर फार्म हाउस, छितौनी स्थित होटल स्काई और प्लांट पर IT टीम ने दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की। आसपास के लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं हैं, जबकि विधायक गंभीर कैंसर से पीड़ित होने के कारण लखनऊ में आइसोलेशन में हैं। सूत्रों के मुताबिक, जांच में 11 करोड़ रुपये कैश, ज्वेलरी और लग्जरी वॉच बरामद हुए हैं, लेकिन आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। यह रेड करीब 1,000 करोड़ की टैक्स चोरी की जांच का हिस्सा है, जो लखनऊ से बलिया, सोनभद्र, कौशांबी तक फैली है।
IT रेड का दायरा: बलिया से लखनऊ तक 30 से ज्यादा ठिकाने, तीसरे दिन कम गहमागहमी
IT विभाग की टीम ने 25 फरवरी को सुबह से छापेमारी शुरू की, जो शुक्रवार (27 फरवरी) को तीसरे दिन भी जारी रही। बलिया के खनवर फार्म हाउस और छात्र शक्ति कंस्ट्रक्शन के प्लांट पर देर शाम तक टीम जमी रही। बाहरी लोगों का प्रवेश प्रतिबंधित था, और पुलिस फोर्स तैनात रही। तीसरे दिन अधिकारियों की संख्या कम थी – सुबह फार्म हाउस में 6 वाहन, शाम तक 9 वाहन थे। प्लांट का गेट खुला था, लेकिन काम ठप था। कर्मचारियों को छापे की जानकारी नहीं थी।
लखनऊ के गोमतीनगर विपुल खंड स्थित आवास, कॉर्पोरेट ऑफिस और वजीर हसन रोड पर सहयोगी के ठिकाने पर भी रेड चली। सोनभद्र में खनन कारोबारियों के ठिकानों पर जांच तीसरे दिन भी जारी रही – एक कारोबारी को बैंक ले जाकर खाता और लॉकर सीज किया गया। सूत्रों के मुताबिक, बलिया में सवा करोड़ कैश नगरा स्टेट बैंक में जमा कराया गया, लेकिन पुष्टि नहीं हुई। कुल 30 से ज्यादा ठिकानों पर रेड चली, और 56 घंटे बाद शाम 6 बजे अधिकांश जगहों पर जांच बंद हुई।
विधायक उमाशंकर सिंह की सेहत और राजनीतिक असर: कैंसर पीड़ित, BJP मंत्री ने उठाए सवाल
उमाशंकर सिंह (55) रसड़ा से तीन बार के विधायक हैं और बसपा के इकलौते विधायक। वे ब्लड कैंसर से पीड़ित हैं, दो बड़े ऑपरेशन हो चुके हैं, और पिछले महीने US से ब्लड एक्सचेंज प्रक्रिया कर लौटे हैं। रेड के दौरान वे लखनऊ आवास पर आइसोलेशन में थे, और मेडिकल स्टाफ को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई।
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BJP मंत्री दिनेश प्रताप सिंह (जिनकी बेटी उमाशंकर सिंह के परिवार में ब्याही है) ने रेड की टाइमिंग पर सवाल उठाए और इसे ‘अमानवीय’ बताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि विधायक की सेहत सबको पता है, फिर भी रेड की गई। बसपा सुप्रीमो मायावती और सपा नेता अखिलेश यादव ने भी रेड की निंदा की। अगले साल यूपी चुनाव हैं, इसलिए रेड को राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। उमाशंकर सिंह निर्माण कारोबार से जुड़े हैं, और उनकी फर्म छात्र शक्ति कंस्ट्रक्शन कंपनी पर भी जांच चली।
समर्थकों में चर्चाएं: कैश बरामदगी की अफवाहें, अधिकारी चुप
विधायक के छोटे भाई रमेश सिंह (छात्र शक्ति इंफ्राकंस्ट्रक्शन के निदेशक), पत्नी और पिता घुरहू सिंह घर पर थे। समर्थकों में गहमागहमी बनी रही, और कैश बरामदगी की अफवाहें फैलीं। अधिकारी कुछ बोलने से बच रहे हैं। क्षेत्र के लोगों में चर्चा है कि रेड में बड़ी वित्तीय अनियमितताएं पाई गईं। सूत्रों के मुताबिक, दस्तावेजों में टैक्स चोरी और बेनामी संपत्तियों के सबूत मिले।
सोनभद्र में भी रेड: खनन कारोबारियों पर जांच, बैंक खाते सीज
सोनभद्र में खनन कारोबारियों के ठिकानों पर रेड तीसरे दिन भी चली। एक कारोबारी को बैंक ले जाकर खाता और लॉकर सीज किया गया। भारी नकदी बरामदगी की चर्चा है, लेकिन पुष्टि नहीं। रेड बुधवार सुबह शुरू हुई और शुक्रवार शाम 6 बजे समाप्त हुई।











