बलिया, 20 फरवरी 2026 – उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के गड़वार थाना क्षेत्र में 15 फरवरी को नाबालिग दलित किशोरी के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म और वीडियो वायरल करने के मामले में पुलिस ने एक आरोपी राजू यादव को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, दूसरे आरोपी रोशन यादव ने कोर्ट में समर्पण कर दिया है। अन्य तीन आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस टीम जुटी हुई है। थाना प्रभारी हितेश कुमार ने बताया कि पीड़िता के पिता की तहरीर पर 18 फरवरी को चार नामजद और एक अज्ञात आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इस घटना से क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है, और दलित समाज में आक्रोश व्याप्त है।
घटना का पूरा विवरण: शौच गई किशोरी से दुष्कर्म, वीडियो वायरल की धमकी
गड़वार थाना क्षेत्र के एक गांव में 15 फरवरी को नाबालिग दलित किशोरी शौच के लिए गई थी, तभी आरोपियों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। दुष्कर्म के दौरान आरोपियों ने वीडियो भी बनाया और उसे वायरल करने की धमकी दी। पीड़िता के पिता ने थाने में तहरीर देकर बताया कि आरोपियों ने उनकी बेटी का जीवन बर्बाद करने की कोशिश की है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच शुरू की।
थाना प्रभारी हितेश कुमार ने कहा, “पीड़िता के पिता की तहरीर पर 18 फरवरी को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस टीम ने आरोपी राजू यादव को झिंगुरी चट्टी के नहर के पास से गिरफ्तार किया है। वहीं, दूसरे आरोपी रोशन यादव ने पुलिस को चकमा देकर कोर्ट में समर्पण कर दिया है।” उन्होंने आगे बताया कि अन्य तीन आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश में छापेमारी की जा रही है। पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया है और वीडियो की जांच भी शुरू कर दी है।
पुलिस की कार्रवाई: गिरफ्तारी और जांच तेज, पॉस्को एक्ट के तहत केस
पुलिस ने मामले में पॉस्को एक्ट (POCSO Act) के साथ-साथ एससी/एसटी एक्ट की धाराएं भी लगाई हैं। आरोपी राजू यादव को झिंगुरी चट्टी के पास से गिरफ्तार किया गया, जबकि रोशन यादव ने कोर्ट में सरेंडर किया। पुलिस टीम अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। थाना प्रभारी ने कहा कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और पीड़िता को न्याय दिलाया जाएगा।
स्थानीय निवासियों ने घटना पर गहरा दुख जताया है। एक ग्रामीण ने कहा, “यह घटना दलित समाज के लिए बहुत दुखद है। पुलिस को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए ताकि ऐसे अपराध रुकें।” सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि मामले की जांच सीबीआई को सौंपी जाए और पीड़िता को सुरक्षा प्रदान की जाए।










