Railway New Rule 2025 : भारतीय रेलवे ने 21 नवंबर 2025 से ट्रेन टिकट बुकिंग के नियमों में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य टिकट बुकिंग को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाना है। खासकर ऑनलाइन बुकिंग में आधार आधारित वेरिफिकेशन की प्रक्रिया को महत्व दी जाएगी, ताकि फर्जी बुकिंग और दलालों की गतिविधियों पर काबू पाया जा सके। यह बदलाव विशेष रूप से उन यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण हैं, जो ऑनलाइन माध्यम से ट्रेन टिकट बुक करते हैं।
नई टिकट बुकिंग टाइमिंग और नियम
भारतीय रेलवे ने टिकट बुकिंग के समय और प्रक्रिया को बेहतर तरीके से व्यवस्थित करने के लिए कई बदलाव किए हैं। इन बदलावों के जरिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि टिकट बुकिंग की प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और सभी यात्रियों के लिए समान हो। रेलवे के नए नियमों के तहत, अब टिकट बुकिंग के लिए समय सीमा और शेड्यूल में बदलाव किया गया है।
रेलवे ने अब बुकिंग का समय सुबह 8 बजे से रात 11 बजे तक निर्धारित किया है। इससे पहले टिकट बुकिंग का समय अक्सर न केवल भ्रमित करने वाला था, बल्कि इसकी प्रक्रिया में कई बार समस्याएँ भी उत्पन्न होती थीं। फर्जी अकाउंट से बुकिंग और टिकट समाप्त होने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता था। अब रेलवे ने समय निर्धारित कर दिया है ताकि हर श्रेणी के यात्री को उचित टिकट मिल सके।
आधार आधारित वेरिफिकेशन
एक महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि टिकट बुकिंग के लिए आधार वेरिफिकेशन को अनिवार्य किया गया है। खासतौर पर, सुबह 8 बजे से 10 बजे के बीच टिकट बुक करने के लिए केवल आधार वेरिफाइड यूजर को अनुमति दी जाएगी। सुबह के समय टिकट की भारी मांग होती है और इस दौरान फर्जी बुकिंग को रोकने के लिए यह नियम लागू किया गया है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि असली यात्री को प्राथमिकता मिले, और सिस्टम में कोई भी धोखाधड़ी न हो।
तत्काल टिकट बुकिंग
1 अक्टूबर 2025 से तत्काल टिकट (Tatkal) बुकिंग के लिए आधार आधारित OTP सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया है। इसका मतलब यह है कि तत्काल टिकट बुक करते समय, यूजर के मोबाइल नंबर पर OTP भेजा जाएगा, जिसे सत्यापित करने के बाद ही टिकट बुक होगी। यह बदलाव खासतौर पर दलालों द्वारा टिकट बुक करने की प्रक्रिया को रोकने के लिए है, ताकि असली यात्रियों को ही सही टिकट मिले।
बुकिंग के समय में बदलाव
टिकट बुकिंग के लिए नए समय और नियमों के तहत, 15 मिनट तक केवल आधार लिंक वाले यूजर्स ही टिकट बुक कर पाएंगे। इसका उद्देश्य यह है कि दलालों को टिकट बुक करने का मौका न मिले और असली यात्रियों को प्राथमिकता मिले।
सिस्टम अपग्रेडेशन
रेलवे ने अपने पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) को सुधारने के लिए 14 नवंबर से 21 नवंबर तक रात 11:30 बजे से सुबह 5:30 बजे तक सिस्टम अपग्रेडेशन किया। इस दौरान, टिकट बुकिंग, कैंसिलेशन और अन्य सेवाएं अस्थायी रूप से उपलब्ध नहीं रहेंगी। यह सुधार भारतीय रेलवे के टिकट बुकिंग सिस्टम को अधिक तेज, सुरक्षित और उपयोगकर्ता के अनुकूल बनाने के लिए किया जा रहा है।
नई नियमों के मुख्य बिंदु
- बुकिंग का समय:
अब टिकट बुकिंग का समय सुबह 8 बजे से रात 11 बजे तक निर्धारित किया गया है। इस समय में यात्रियों को टिकट बुक करने की अनुमति होगी। - आधार वेरिफिकेशन:
सुबह 8 बजे से 10 बजे के बीच, केवल आधार लिंक किए गए यूजर्स को ही टिकट बुक करने की अनुमति दी जाएगी। - तत्काल टिकट OTP सत्यापन:
1 अक्टूबर 2025 से, तत्काल टिकट बुकिंग में आधार आधारित OTP सत्यापन अनिवार्य होगा। - प्रथम 15 मिनट की बुकिंग:
पहले 15 मिनट तक केवल आधार लिंक वाले यूजर्स को टिकट बुक करने का अधिकार मिलेगा। - PRS काउंटर नियम:
PRS काउंटर से टिकट बुकिंग पर ये नए नियम लागू नहीं होंगे। वहां यात्रियों को सामान्य तरीके से टिकट बुक करने की सुविधा मिलेगी। - एडवांस बुकिंग अवधि:
अब से यात्री 60 दिन पहले तक टिकट बुक कर सकते हैं, जो पहले की तुलना में अधिक समयावधि है। - जनरल टिकट बुकिंग:
जनरल टिकट और आरक्षित टिकट बुकिंग का समय समान कर दिया गया है, ताकि यात्रियों को कोई असुविधा न हो।
रेलवे द्वारा इन बदलावों को लागू करने के उद्देश्य
रेलवे के इन नए नियमों का उद्देश्य टिकट बुकिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाना है। फर्जी बुकिंग, दलालों और धोखाधड़ी को रोकने के लिए आधार वेरिफिकेशन को लागू किया गया है। इसके जरिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि टिकट सही व्यक्ति को मिले और किसी भी असमानता या धोखाधड़ी की स्थिति न उत्पन्न हो।
वर्तमान में, विशेषकर हाई डिमांड वाले ट्रेनों की बुकिंग में अक्सर यात्रियों को समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इन नए बदलावों से यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि सभी यात्रियों को सही टिकट मिले और वे अपने यात्रा के लिए सटीक समय पर बुकिंग कर सकें।
टिकट बुकिंग के नए नियमों के फायदे
- पारदर्शिता और सुरक्षा में वृद्धि:
आधार वेरिफिकेशन और निर्धारित बुकिंग टाइम के साथ, टिकट बुकिंग में पारदर्शिता बढ़ेगी। इससे न केवल असली यात्रियों को लाभ मिलेगा, बल्कि धोखाधड़ी की संभावना भी कम होगी। - दलालों की गतिविधियों में कमी:
आधार आधारित OTP सत्यापन और पहले 15 मिनट में आधार लिंक यूजर्स को प्राथमिकता देने से दलालों द्वारा बुक की गई टिकटों की संख्या में कमी आएगी। - सभी श्रेणियों के यात्रियों के लिए अलग-अलग स्लॉट:
विभिन्न श्रेणियों के लिए अलग-अलग स्लॉट निर्धारित करने से प्रत्येक श्रेणी के यात्रियों को उचित टिकट मिल सकेगा। इस व्यवस्था से रेलवे को बुकिंग के समय को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। - टिकट बुकिंग की प्रक्रिया को सरल बनाना:
रेलवे द्वारा टिकट बुकिंग प्रक्रिया को सरल और अधिक उपयोगकर्ता-मित्र बनाने के लिए सभी सुविधाएं एक जगह पर दी जा रही हैं। ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से अब सुरक्षित तरीके से टिकट बुक किया जा सकेगा।
नई समय-सारणी के अनुसार टिकट बुकिंग की प्रक्रिया
रेलवे ने प्रत्येक श्रेणी के टिकट बुकिंग के लिए समय सीमा निर्धारित की है। निम्नलिखित समय सारणी के अनुसार यात्री अपने टिकट बुक कर सकते हैं:
| टिकट श्रेणी | बुकिंग शुरू होने का समय | बुकिंग बंद होने का समय |
|---|---|---|
| AC क्लास टिकट | सुबह 8 बजे | रात 11 बजे |
| स्लीपर क्लास टिकट | सुबह 8 बजे | रात 11 बजे |
| तत्काल टिकट (Tatkal) | सुबह 10 बजे | शाम 5 बजे |
| जनरल रिजर्व टिकट | सुबह 8 बजे | रात 11 बजे |
नए नियमों के प्रभाव
इन नए नियमों का मुख्य उद्देश्य यात्रा करने वाले सच्चे यात्रियों को सुविधाएं प्रदान करना और फर्जी बुकिंग को रोकना है। इस बदलाव से यह सुनिश्चित होगा कि केवल सही व्यक्ति को ही टिकट मिले, और दलालों के लिए कोई भी खामियां न रहें। साथ ही, टिकट बुकिंग के समय को नियंत्रित करके हाई डिमांड वाली ट्रेनों में असली यात्रियों को प्राथमिकता दी जाएगी।