बांसडीह, बलिया (उत्तर प्रदेश): मंगलवार की देर रात बलिया जिले के कोतवाली क्षेत्र में स्थित पर्वतपुर–घेराई मार्ग पर महुआ बाग के पास एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसमें चार युवकों की जान चली गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। यह हादसा एक तेज रफ्तार बोलेरो के अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराने के कारण हुआ। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा। इस हादसे ने क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ाई है और लोग अब भी इस त्रासदी को लेकर सदमे में हैं।
घटना की जानकारी
जानकारी के अनुसार, यह हादसा मंगलवार रात करीब साढ़े नौ बजे के आसपास हुआ। हादसे में शामिल सभी युवक रामपुर कंला गांव और हरदतपुर गांव के रहने वाले थे। वे एक बोलेरो में सवार होकर दिवाकरपुर से रामपुर कंला गांव जा रहे थे। बताया जाता है कि बोलेरो की गति बहुत तेज थी, और जैसे ही वाहन महुआ बाग के पास मोड़ पर पहुंचा, चालक ने नियंत्रण खो दिया। तेज रफ्तार में वाहन अनियंत्रित होकर सड़क के किनारे लगे पेड़ से जा टकराया।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि वाहन के सामने का हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और इस दुर्घटना की आवाज सुनकर आसपास के लोग दंग रह गए। कुछ ही समय में स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और सभी घायलों को तुरंत सीएचसी बांसडीह भेजा। जहां चिकित्सकों ने सत्यम राजभर और विशाल राजभर को मृत घोषित कर दिया।
मृतकों की पहचान
इस दुर्घटना में जान गंवाने वालों में रामपुर कंला गांव के 20 वर्षीय सत्यम राजभर, 18 वर्षीय राजा राजभर और हरदतपुर गांव के दिवाकरपुर निवासी 21 वर्षीय विकास उर्फ विशाल राजभर तथा 17 वर्षीय अनीश राजभर शामिल हैं। घटना के समय इन सभी युवकों की उम्र 17 से 21 साल के बीच थी।
घायल युवक अभिषेक राजभर, 18 वर्ष, को बुरी तरह से चोटें आईं, और उसका इलाज वाराणसी में चल रहा है। वह भी एक ही बोलेरो में सवार था और इस हादसे में गंभीर रूप से घायल हुआ था।
इलाज और मृत्यु
सभी घायल युवकों को सीएचसी बांसडीह भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने सत्यम और विशाल को मृत घोषित कर दिया। तीन अन्य घायलों को जिला अस्पताल रेफर किया गया। वहीं, जिला अस्पताल में इलाज के दौरान राजा, अनीश और अभिषेक को वाराणसी के लिए रेफर किया गया।
राजा राजभर की हालत ज्यादा गंभीर थी और वाराणसी जाते वक्त रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। इसके बाद, अनीश राजभर को भी वाराणसी के टामा सेंटर में ले जाया गया, जहां बुधवार सुबह इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई।
अभी तक अभिषेक का इलाज वाराणसी में चल रहा है, लेकिन उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। पुलिस और प्रशासन ने घटना की जांच शुरू कर दी है, और मौके से मिले सबूतों के आधार पर यह माना जा रहा है कि दुर्घटना की वजह वाहन की तेज रफ्तार और मोड़ पर नियंत्रण खोने के कारण हुई।
हादसे का कारण
बताया गया है कि हादसे में शामिल बोलेरो राजा राजभर की थी और वह खुद ही वाहन चला रहा था। स्थानीय लोगों का कहना है कि वह जब तेज गति से मोड़ पर पहुंचे, तो वाहन नियंत्रण से बाहर हो गया और सीधे पेड़ से टकरा गया। इस तरह के सड़क हादसे खासतौर पर तेज रफ्तार और चालक के असावधानी के कारण होते हैं, और यह हादसा भी उसी का परिणाम प्रतीत हो रहा है।
स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सभी शवों को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और यह स्पष्ट करने की कोशिश की जा रही है कि हादसे के समय बोलेरो की गति कितनी थी, और क्या कोई अन्य बाहरी कारण हादसे का हिस्सा था या यह केवल चालक की गलती थी।
क्षेत्र में शोक की लहर
हादसे की जानकारी मिलते ही बांसडीह क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। मृतकों के परिवारों में कोहराम मच गया है और आसपास के लोग भी इस त्रासदी को लेकर हैरान हैं। मृतक युवकों की आयु कम थी और उनके जीवन के बेहतरीन साल अभी बाकी थे। यह हादसा उनके परिवारों के लिए एक गहरी क्षति साबित हुआ है, जिससे वे कभी उबर नहीं पाएंगे।
स्थानीय प्रशासन ने मृतकों के परिवारों को हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया है और मृतकों के अंतिम संस्कार के लिए सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं।
पुलिस की कार्रवाई
घटना की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली प्रभारी प्रवीण कुमार सिंह और क्षेत्राधिकारी जयशंकर मिश्र ने मौके पर पहुंचकर घायलों को अस्पताल भेजा और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने यह सुनिश्चित किया कि सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाए और दुर्घटना के सही कारणों का पता लगाया जाए।












