बलिया, 22 जनवरी 2026 – उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में नगर मजिस्ट्रेट आसाराम वर्मा और कृषि उत्पादन मंडी समिति के सभापति ने मंडी नियमों के उल्लंघन पर कड़ा कदम उठाया है। ओवरब्रिज के नीचे अवैध रूप से थोक व्यापार संचालित करने वाले 9 थोक सब्जी व्यापारियों के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए हैं। यह कार्रवाई कृषि उत्पादन मंडी अधिनियम, 1964 की धारा 17(2) और नियमावली के नियम 71 के तहत की गई है, जिसका उद्देश्य मंडी व्यवस्था को सुव्यवस्थित करना और अनियमित व्यापार पर अंकुश लगाना है।
लाइसेंस निलंबन और स्पष्टीकरण की समय सीमा: दुकानें और फड़ रद्द होने का खतरा
प्रशासन ने निलंबित व्यापारियों को मंडी अधिनियम, 1964 की धारा 17(2) और नियमावली के नियम 72 के अंतर्गत 15 दिन के भीतर संतोषजनक स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। यदि निर्धारित अवधि में स्पष्टीकरण नहीं मिला, तो मंडी परिसर में आवंटित दुकानें, फड़ और लाइसेंस स्थायी रूप से निरस्त कर दिए जाएंगे। यह कदम मंडी क्षेत्र में नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
निलंबित किए गए थोक सब्जी व्यापारियों की सूची इस प्रकार है:
- मे० भरत प्रसाद एंड संस
- मे० एकता आलू भंडार
- मे० कृष्ण राय एंड संस
- मे० गुन्ना लाल चुन्ना लाल
- मे० लाला साह रामेश्वर प्रसाद
- मे० राइन ट्रेडिंग कंपनी
- मे० बलिराम प्रसाद एंड संस
- मे० शौकत अली अली शेर
- मे० सुरेश कुमार राजेश कुमार
ये व्यापारी ओवरब्रिज के नीचे निर्धारित व्यवस्था के बाहर थोक सब्जी व्यापार कर रहे थे, जो मंडी नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।
नगर मजिस्ट्रेट का बयान: मंडी व्यवस्था को मजबूत करने का प्रयास
नगर मजिस्ट्रेट आसाराम वर्मा ने बताया, “यह कार्रवाई मंडी नियमों के उल्लंघन और निर्धारित क्षेत्र के बाहर व्यापार संचालन के खिलाफ की गई है। इससे अवैध थोक व्यापार पर अंकुश लगेगा और मंडी की समग्र व्यवस्था सुव्यवस्थित होगी।” उन्होंने जोर दिया कि भविष्य में भी नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे, ताकि किसानों और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा हो सके।
कृषि उत्पादन मंडी समिति के सभापति ने भी इस कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि यह कदम मंडी अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप है और व्यापारियों को नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करेगा।
व्यापारियों में हलचल: मंडी क्षेत्र पर प्रभाव
इस कार्रवाई के बाद बलिया मंडी क्षेत्र के व्यापारियों में हलचल मच गई है। कई व्यापारी अब अपने संचालन की समीक्षा कर रहे हैं, जबकि कुछ ने प्रशासन के इस कदम को आवश्यक बताते हुए स्वागत किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे मंडी में पारदर्शिता बढ़ेगी और अवैध व्यापार से होने वाले नुकसान पर रोक लगेगी। हालांकि, निलंबित व्यापारियों को स्पष्टीकरण का अवसर दिया गया है, जिससे न्यायपूर्ण प्रक्रिया सुनिश्चित होगी।
बलिया जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि मंडी अधिनियम का उल्लंघन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसानों और व्यापारियों से अपील की गई है कि वे निर्धारित क्षेत्रों में ही व्यापार करें।








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