04 December 2024: बलिया शहर के चित्तू पांडेय चौराहे के पास जाम की समस्या को हल करने के लिए अंडरपास निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके तहत क्रॉसिंग को बंद करके वहां अंडरपास का निर्माण किया जाएगा, जिससे जाम की समस्या से निजात मिलेगी। अगले कुछ दिनों में निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।
इस योजना के तहत ओवरब्रिज के नीचे स्थित पूरब साइड की दुकानों को मंगलवार से तोड़ने का काम शुरू हो चुका है। इन दुकानों को जेसीबी से गिराया जा रहा है, और यह कार्य तेजी से चल रहा है। अंडरपास बनने के बाद, क्रॉसिंग बंद होने से रेलवे के गेटमैन और मेंटेनेंस पर हर महीने होने वाला लगभग एक लाख रुपये का खर्च भी बच जाएगा।
चित्तू पांडेय चौराहा शहर के प्रमुख प्रवेश द्वार के रूप में कार्य करता है, जहां छपरा-वाराणसी रूट पर ट्रेनों के आने-जाने के दौरान 25 से 30 मिनट तक क्रॉसिंग बंद रहती है। यदि दोनों तरफ से ट्रेनें आ रही हों, तो घंटों तक जाम लग जाता है, जिससे स्थानीय लोग परेशान रहते हैं। अंडरपास के निर्माण से रोडवेज, न्यायालय और सरकारी कर्मचारियों समेत सभी यात्रियों को जाम से राहत मिलेगी।
यह अंडरपास 150 मीटर लंबा होगा, जिसमें से 80 मीटर रेल पटरी के एक तरफ और 70 मीटर दूसरी तरफ होगा। इसकी चौड़ाई लगभग छह मीटर और गहराई पांच मीटर होगी। अंडरपास की दोनों लेनों पर वाहन चल सकेंगे।
इस निर्माण का विचार 24 दिसंबर 2020 को अमर उजाला द्वारा शुरू किए गए जाम मुक्ति अभियान के बाद आया था। जिला जज ने इस मुद्दे पर संज्ञान लिया और एक त्रिस्तरीय समिति का गठन किया, जिसमें पीडब्लूडी, जिला प्रशासन और रेलवे अधिकारी शामिल थे। लखनऊ से ओवरब्रिज का नक्शा मंगवाकर सर्वे किया गया, लेकिन क्रॉसिंग के पास मौजूद आवासीय भवनों के कारण योजना में देरी हो रही थी। इसके बाद, डीएम प्रवीण कुमार ने जाम की समस्या को देखते हुए दुकानों को खाली करवाकर तोड़ने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया, और अब निर्माण कार्य की प्रक्रिया तेज़ी से शुरू की जा रही है।
पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल के जनसंपर्क अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि अंडरपास के निर्माण के लिए इंजीनियरों ने मौका मुआयना कर लिया है, और टेंडर प्रक्रिया के बाद कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा।








