बलिया, 15 फरवरी 2026 – उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में जिलाधिकारी (डीएम) मंगला प्रसाद सिंह ने गुरुवार को सदर तहसील का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान खतौनी निकालने की व्यवस्था अव्यवस्थित पाई गई, जिस पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने प्रारूप चस्पा करने, आवेदन जमा करने के लिए अलग काउंटर बनाने और 15 रुपये निर्धारित शुल्क की जानकारी सार्वजनिक करने के निर्देश दिए। डीएम ने स्पष्ट किया कि खतौनी शुल्क केवल 15 रुपये तय है और इससे ज्यादा वसूली पर एफआईआर दर्ज की जाएगी। यह व्यवस्था तीन दिन के भीतर लागू करने के आदेश दिए गए हैं।
सदर तहसील में मिली कई कमियां: सफाई से लेकर अभिलेख रखरखाव तक अव्यवस्था
डीएम मंगला प्रसाद सिंह ने तहसील परिसर का भ्रमण कर सफाई, अभिलेखों के रखरखाव, बिजली व्यवस्था, सड़क निर्माण, पार्किंग, न्यायालय कक्षों और विभिन्न कार्यालयों की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कई स्थानों पर अव्यवस्था मिलने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई।
- सफाई और गंदगी: तहसील परिसर में गंदगी मिलने पर नाजिर को कड़ी चेतावनी दी गई। किशोर न्यायालय बोर्ड के आसपास गंदगी पर तत्काल सफाई के निर्देश दिए।
- बिजली और तारों की समस्या: बिजली विभाग को लटके तारों को व्यवस्थित करने के लिए कहा गया।
- पार्किंग और अन्य: तहसील परिसर के सामने पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए एसडीएम को फटकार लगाई गई। होमगार्ड के बैठने के स्थान पर लेखपालों के बैठने की व्यवस्था और भवन की रंगाई-पुताई खराब होने पर नाराजगी जताई।
- एसडीएम कार्यालय: फाइलों के रखरखाव की समीक्षा में निर्देश दिया कि सभी फाइलें संबंधित धाराओं के अनुसार व्यवस्थित रूप से रखी जाएं।
डीएम ने सभी कर्मचारियों को चेतावनी दी कि 20 दिन के भीतर पूरी व्यवस्था सुधार ली जाए, अन्यथा वेतन रोकने की कार्रवाई की जाएगी। यह निरीक्षण आम नागरिकों की शिकायतों के आधार पर किया गया था, जिससे तहसील में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ने की उम्मीद है।
खतौनी व्यवस्था में सुधार: 15 रुपये शुल्क की जानकारी सार्वजनिक करने के निर्देश
खतौनी निकालने की प्रक्रिया में अव्यवस्था मिलने पर डीएम ने विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि खतौनी शुल्क केवल 15 रुपये है और इससे ज्यादा वसूली करने वाले पर एफआईआर दर्ज होगी। इसके लिए:
- प्रारूप चस्पा करने के निर्देश।
- आवेदन जमा करने के लिए अलग काउंटर बनाने की व्यवस्था।
- शुल्क की जानकारी सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करने के आदेश।
यह कदम किसानों और आम नागरिकों को राहत देगा, जो अक्सर अधिक शुल्क वसूली की शिकायत करते हैं। डीएम ने कहा कि तीन दिन में यह व्यवस्था लागू होनी चाहिए, ताकि नागरिकों को असुविधा न हो।
स्थानीय प्रतिक्रिया: नागरिकों ने स्वागत किया, अधिकारियों में हलचल
बलिया के स्थानीय निवासियों ने डीएम के इस निरीक्षण का स्वागत किया है। एक किसान ने कहा, “खतौनी के नाम पर अधिक पैसे वसूले जाते थे, अब इससे रोक लगेगी।” तहसील कर्मचारियों में हलचल मच गई है, क्योंकि 20 दिन की समय सीमा दी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे निरीक्षण प्रशासनिक दक्षता बढ़ाते हैं और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाते हैं।






