बलिया, 17 फरवरी 2026 – उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में पुलिस और एक बदमाश के बीच मुठभेड़ हो गई। सेल्फ डिफेंस में पुलिस की फायरिंग से बदमाश के पैर में गोली लग गई। घायल बदमाश को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने उसके पास से तमंचा, कारतूस और बाइक बरामद की है। पूछताछ में बदमाश ने हाल की छिनैती की वारदात कबूल ली है। एएसपी दिनेश कुमार शुक्ल ने बताया कि बदमाश का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है और अपराधियों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।
मुठभेड़ का पूरा विवरण: वाहन चेकिंग के दौरान भागने की कोशिश, फायरिंग में घायल
बांसडीह पुलिस सोमवार रात 11:30 बजे वाहन चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान टीम ने एक बाइक सवार को रोकने का इशारा किया, लेकिन वह भागने लगा। तेज रफ्तार में भागते हुए सारंगपुर मार्ग पर महुआ मोड़ के पास बाइक फिसलकर गिर गई। जब पुलिस टीम बदमाश के पास पहुंची, तो उसने पुलिस पर फायरिंग कर दी।
सेल्फ डिफेंस में पुलिस की जवाबी फायरिंग में बदमाश के दाहिने पैर में गोली लग गई और वह घायल हो गया। पुलिस ने उसे काबू में किया और जिला अस्पताल में भर्ती कराया। घायल की पहचान दुही मुसी गांव निवासी दिलीप साहनी (31) पुत्र मन बहादुर साहनी के रूप में हुई है।
बदमाश का कबूलनामा: छिनैती की वारदात स्वीकारी, आपराधिक इतिहास की जांच
पूछताछ में दिलीप साहनी ने 11 फरवरी को पवन कुमार की बाइक और 10 हजार रुपये की छिनैती की अपराध कबूल की है। पुलिस ने उसके पास से तमंचा, कारतूस और बाइक बरामद की है। एएसपी दिनेश कुमार शुक्ल ने बताया कि गिरफ्तार बदमाश का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है। वह चोरी के साथ-साथ दुष्कर्म के एक मामले में भी वांछित रहा है। सुखपुरा थाना क्षेत्र की एक अन्य घटना में भी उसकी संलिप्तता सामने आई है।
एएसपी ने कहा, “जिले में अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।”
पुलिस की त्वरित कार्रवाई: घायल बदमाश का इलाज जारी, जांच तेज
घटना के बाद पुलिस ने तुरंत बदमाश को गिरफ्तार कर लिया और जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज चल रहा है। पुलिस टीम ने मौके पर सबूत जुटाए और आगे की जांच शुरू कर दी है। स्थानीय निवासियों ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की है, लेकिन इलाके में बढ़ते अपराध पर चिंता जताई है।
यह मुठभेड़ अपराध मुक्त बलिया की दिशा में एक कदम है। कमेंट में बताएं – क्या पुलिस के ऐसे अभियान जरूरी हैं?







