बलिया, 22 फरवरी 2026 – उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में किन्नर रेखा हत्याकांड और युवक रवि गुप्ता की आत्महत्या के मामले को पुलिस ने सुलझाने का दावा किया है। सीओ बैरिया मु. फहीम कुरैशी ने शनिवार को पत्रकार वार्ता में खुलासा किया कि पैसों के लेन-देन को लेकर हुए विवाद में रवि गुप्ता ने रेखा का गला दबाकर हत्या की थी। हत्या के बाद शव फेंकने की परेशानी और पुलिस के दबाव से घबराकर रवि ने आत्महत्या कर ली। पुलिस ने रेखा के गहने और 5.5 लाख रुपये नकद भी बरामद किए हैं। इस खुलासे से इलाके में सनसनी फैल गई है।
पुलिस का खुलासा: 17 फरवरी की घटना, रेखा नेग लेने गई थीं
सीओ फहीम कुरैशी ने बताया कि घटना 17 फरवरी की है। मृतक किन्नर रेखा अपने साथी सुमन के मोबाइल से किसी अन्य किन्नर साथी से बधाई लेने की बात कर रही थीं। उस समय वह रवि गुप्ता की दुकान पर मौजूद थीं। दोपहर लगभग 1:09 बजे रवि ने अपने पिता को फोन कर बैंक में काम होने की बात कही और उन्हें दुकान पर आने को कहा।
रवि के पिता तुरंत दुकान पर पहुंचे। इसके बाद रवि दुकान से घर चला गया और उसके पीछे-पीछे किन्नर रेखा भी अपने पैसे लेने के लिए रवि के घर पहुंच गईं। पुलिस के अनुसार, रवि और रेखा के बीच पैसों को लेकर विवाद हुआ, जिसमें रवि ने रेखा का गला दबाकर हत्या कर दी। कुछ घंटे बाद जब रवि के पिता ने उसके मोबाइल पर फोन किया तो स्विच ऑफ मिला। उन्होंने अपनी बहू को फोन किया, जिसने बताया कि रेखा और रवि के बीच झगड़ा हुआ था। झगड़े की बात सुनकर विजय गुप्ता घर पहुंचे, जहां उन्हें घटना की जानकारी मिली।
हत्या के कुछ देर बाद दूधवाला घर आया और रवि दूध लेकर दुकान पर चला गया। उसने रेखा का मोबाइल फोन खेत में फेंक दिया था। जिस मकान में घटना हुई, उसमें विजय गुप्ता, उनके बड़े भाई आकाश गुप्ता, आकाश की पत्नी, रवि गुप्ता और उसकी पत्नी के अलावा उसकी विधवा चाची रहती हैं। घटना से कुछ दिन पहले उसकी चचेरी बहन भी अपनी मां से मिलने आई हुई थी।
रवि की आत्महत्या का कारण: शव फेंकने की परेशानी और पुलिस का दबाव
सीओ बैरिया मु. फहीम कुरैशी ने बताया कि रेखा की हत्या के बाद रवि उसके शव को कहीं और फेंकने के लिए परेशान था। पुलिस की सक्रियता के कारण वह शव को घर से बाहर नहीं निकाल पाया। उसने शव को फेंकने के लिए बाजार से बड़े-बड़े बोरे और प्लास्टिक भी खरीदे थे। मृतक रेखा के शव से दुर्गंध आनी शुरू हो गई थी, जिससे रवि घबरा गया। शव को घर से बाहर फेंकने का दबाव और पुलिस द्वारा पकड़े जाने का भय उसे सता रहा था। परिवार के किसी सदस्य या साथी का सहयोग न मिलने से वह बहुत परेशान हो उठा और उसने आत्महत्या कर ली।
किन्नर रेखा के आभूषणों की गुत्थी सुलझी: 5.5 लाख नकद और गहने बरामद
पुलिस किन्नर रेखा के शरीर से गायब गहनों की गुत्थी सुलझाने में भी कामयाब रही। सीओ ने बताया कि रेखा के गहने उसके आवास भरत छपरा के कमरे में मिले हैं। साथ ही पांच लाख पचास हजार रुपये नकद भी बरामद हुए हैं। बरामद आभूषणों में 30 थान सोना और 39 थान चांदी के जेवर शामिल हैं। यह आभूषण और नगदी पुलिस ने शुक्रवार देर शाम भरत छपरा में रेखा के कमरे की तलाशी के दौरान पाए थे। इन्हें उसके साथी शिष्य के हवाले कर दिया गया है।
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हत्या का मुख्य कारण: पैसों का लेन-देन और आर्थिक तंगी
सीओ बैरिया मो. फहीम कुरैशी ने बताया कि हत्या का कारण किन्नर रेखा से पैसे का लेन-देन था। जांच में पता चला कि रवि गुप्ता ने कुछ वर्ष पूर्व रानीगंज बाजार चौक में मोबाइल और विभिन्न कंपनियों के सिम कार्ड बेचने की दुकान खोली थी। हालांकि इस दुकान से उसे पर्याप्त कमाई नहीं हो पा रही थी। रवि के खर्चे अधिक थे, जिससे उसकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। कुछ दिनों बाद उसने मोबाइल और सिम बेचने का काम बंद कर दिया। मोबाइल दुकान में हुए भारी नुकसान और परिवार से सहयोग न मिलने के कारण वह निराश था।
किन्नर रेखा का रवि की दुकान पर अक्सर आना-जाना था, जिससे उनके अच्छे संबंध बन गए थे। रवि ने रेखा से कुछ पैसे उधार लेकर उसी दुकान में डेयरी का काम शुरू किया। लेकिन डेयरी की दुकान से भी अच्छी कमाई नहीं हो रही थी। इसी बीच मृतक रेखा किन्नर ने अपने उधार दिए हुए पैसों की वापसी के लिए रवि पर दबाव बढ़ाना शुरू कर दिया। लेकिन रवि पैसे चुकाने में असमर्थ था, जिसके बाद उसने गला दबाकर हत्या कर दी।








