वाराणसी, 8 फरवरी 2026 – पूर्वांचल के यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। वाराणसी सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड (VCTSL) जल्द ही वाराणसी, गोरखपुर, बलिया और मऊ को इलेक्ट्रिक बस सेवा से जोड़ने जा रहा है। यह पहल न केवल पर्यावरण अनुकूल होगी, बल्कि यात्रियों को सस्ते और आरामदायक सफर का विकल्प भी देगी। प्रथम चरण में 21 इलेक्ट्रिक बसों का बेड़ा उतारा जाएगा, जो शोर-मुक्त और प्रदूषण-रहित होंगी। इन बसों की तकनीक इतनी उन्नत है कि एक साथ पांच बसों को सिर्फ एक घंटे में फुल चार्ज किया जा सकेगा।
इलेक्ट्रिक बस सेवा की मुख्य विशेषताएं: 200-250 किमी की रेंज, कम किराया और बेहतर कनेक्टिविटी
VCTSL के एमडी परशुराम उपाध्याय ने बताया कि यह सेवा पूर्वांचल की अंतर-जनपदीय कनेक्टिविटी को मजबूत करेगी। पहले चरण में बलिया डिपो से 10 और आजमगढ़ से 11 बसें संचालित होंगी। ये बसें लगभग 200 से 250 किलोमीटर की दूरी तय कर सकेंगी, जिससे वाराणसी से गोरखपुर, बलिया और मऊ तक का सफर आसान हो जाएगा।
- पर्यावरण लाभ: इलेक्ट्रिक बसें डीजल या पेट्रोल बसों की तुलना में शून्य उत्सर्जन वाली होंगी, जो पूर्वांचल में बढ़ते प्रदूषण को कम करने में मदद करेंगी।
- चार्जिंग तकनीक: नई तकनीक से पांच बसों को एक घंटे में चार्ज किया जा सकेगा, जो समय की बचत करेगी।
- किराया और सुविधाएं: यात्रियों को कम किराए में एयर-कंडीशंड, आरामदायक सीटें और वाई-फाई जैसी सुविधाएं मिलेंगी।
- रूट प्लान: बसें वाराणसी से शुरू होकर गोरखपुर, बलिया और मऊ को कवर करेंगी, जिससे दैनिक यात्री, छात्र और व्यापारियों को फायदा होगा।
उपाध्याय ने कहा, “इलेक्ट्रिक बसें यात्रियों की पहली पसंद बन रही हैं। ये बसें प्रदूषण मुक्त होने के साथ ही सुविधाजनक भी हैं। चार जिलों के लिए बस सेवा शुरू की जाएगी।”
पूर्वांचल में ट्रांसपोर्ट क्रांति: क्यों जरूरी है यह पहल?
पूर्वांचल क्षेत्र में सार्वजनिक परिवहन की कमी लंबे समय से एक समस्या रही है। वाराणसी, गोरखपुर, बलिया और मऊ जैसे जिलों में डीजल बसों पर निर्भरता के कारण प्रदूषण और ट्रैफिक जाम बढ़ रहा है। VCTSL की यह इलेक्ट्रिक बस सेवा केंद्र सरकार की ‘ग्रीन मोबिलिटी’ पहल का हिस्सा है, जो 2030 तक इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखती है।
स्थानीय निवासियों ने इस फैसले का स्वागत किया है। एक यात्री ने कहा, “बलिया से वाराणसी जाना अब आसान और सस्ता हो जाएगा। प्रदूषण कम होने से स्वास्थ्य भी बेहतर रहेगा।” विशेषज्ञों का मानना है कि यह सेवा क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को बूस्ट देगी, क्योंकि बेहतर कनेक्टिविटी से व्यापार और पर्यटन बढ़ेगा।
इलेक्ट्रिक बसों की तकनीकी डिटेल्स: चार्जिंग से लेकर रेंज तक
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| बसों की संख्या | 21 (पहला चरण) |
| रूट कवरेज | वाराणसी, गोरखपुर, बलिया, मऊ |
| रेंज | 200-250 किमी प्रति चार्ज |
| चार्जिंग समय | 5 बसों को 1 घंटे में फुल |
| डिपो | बलिया (10 बसें), आजमगढ़ (11) |
| लाभ | प्रदूषण मुक्त, कम किराया, आरामदायक |
यह सेवा उत्तर प्रदेश की ‘उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी 2022’ के तहत आती है, जो ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देती है। VCTSL ने पहले से ही वाराणसी में इलेक्ट्रिक बसें चलाई हैं, जो सफल रही हैं।
यात्रियों के लिए टिप्स: कैसे करें बुकिंग और क्या होगी लागत?
यात्रियों को ऑनलाइन ऐप या VCTSL की वेबसाइट से टिकट बुक करने की सुविधा मिलेगी। अनुमानित किराया डीजल बसों से 20-30% कम होगा। शुरुआती चरण में प्रोमोशनल डिस्काउंट भी दिए जा सकते हैं। महिलाओं और छात्रों के लिए विशेष छूट की योजना है।






