बलिया, 30 जनवरी 2026 – उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में एक बेहद संवेदनशील मामले में न्याय हुआ है। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) प्रथमकांत की अदालत ने नाबालिग बेटी और उसकी मां के साथ दुष्कर्म करने के दोषी मनीष पांडेय को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोषी पर 32,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना न चुकाने पर छह महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
पूरा मामला: ब्लैकमेल कर कई बार किया दुष्कर्म
मामला 3 जुलाई 2023 का है, जब पीड़िता ने थाना कोतवाली में तहरीर दी। आरोपी मनीष पांडेय (निवासी विजयीपुर, थाना कोतवाली) ने पीड़िता के नहाते समय चुपके से वीडियो बना ली और वायरल करने की धमकी देकर उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। आरोपी बेटी को घर पर ट्यूशन पढ़ाने आता था।
22 मई 2023 को आरोपी ने बेटी के साथ भी दुष्कर्म किया, वीडियो रिकॉर्ड किया और वायरल करने की धमकी देकर उसके साथ तीन बार दुष्कर्म किया। धमकी के कारण पीड़ित परिवार चुप रहा, लेकिन अंत में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। थाना कोतवाली पर प्राथमिकी दर्ज हुई।
पुलिस जांच और अदालत में साक्ष्य: मोबाइल से बरामद हुए महत्वपूर्ण सबूत
विवेचक ने आरोपी के पास से मोबाइल बरामद किया, जिसमें घटना से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले। पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। अदालत में कुल छह गवाहों की परीक्षा हुई। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने मनीष पांडेय पर दोष साबित पाया और पॉक्सो एक्ट के तहत सख्त सजा सुनाई।
यह फैसला पॉक्सो एक्ट के अंतर्गत नाबालिगों के साथ अपराधों पर सख्ती दिखाता है। अदालत ने कहा कि ऐसे अपराध समाज के लिए घातक हैं और दोषियों को कोई छूट नहीं मिलनी चाहिए।







