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राष्ट्रपति से सम्मानित बलिया की बेटी खुशबू यादव को BJP नेता ने दिया 51 हजार का पुरस्कार, IAS बनने का सपना देख रही है छात्रा!

January 15, 2026 10:05 AM
Khushboo Yadav, daughter of Ballia rewarded by President
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बलिया, उत्तर प्रदेश: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से कला के क्षेत्र में सम्मानित होने वाली बलिया जिले के दलन छपरा गांव की सातवीं कक्षा की छात्रा खुशबू यादव को भाजपा के वरिष्ठ नेता सूर्यभान सिंह ने विशेष रूप से सम्मानित किया है। खुशबू के पिता हरिशंकर यादव की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए, भाजपा नेता ने बेटी की पढ़ाई के लिए 51,000 रुपये का पुरस्कार और अंगवस्त्र भेंट किया। यह सम्मान समारोह बैरिया/लालगंज क्षेत्र में आयोजित किया गया, जहां खुशबू की उपलब्धि पर पूरे गांव में खुशी की लहर दौड़ गई।

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, सूर्यभान सिंह ने अपने भाई यशवंत सिंह को भेजकर खुशबू को सम्मानित कराया और वीडियो कॉल के माध्यम से छात्रा एवं उसके परिवार से बात की। दैनिक भास्कर ने बताया कि खुशबू के पिता हरिशंकर यादव गुड़गांव में लस्सी बेचकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं और बेटी को अच्छी शिक्षा देने की कोशिश में जुटे हैं।

राष्ट्रपति सम्मान की कहानी: कला में तीसरा स्थान हासिल कर राष्ट्रीय स्तर पर चमकी खुशबू

खुशबू यादव ने राष्ट्रीय स्तर की पेंटिंग प्रतियोगिता में तृतीय स्थान प्राप्त किया, जिसमें पूरे देश से लाखों बच्चे शामिल हुए थे। हिंदुस्तान की रिपोर्ट में उल्लेख है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ‘प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार-2025’ के तहत नई दिल्ली में खुशबू को सम्मानित किया। खुशबू वर्तमान में गुड़गांव के शिकोहपुर सरकारी स्कूल (GSSS शिकोहपुर) में पढ़ती हैं, जहां उन्होंने अपनी कला प्रतिभा से सभी को प्रभावित किया है। फेसबुक पर वायरल पोस्ट के अनुसार, यह सम्मान राष्ट्रीय स्तरीय कला प्रतियोगिता में तीसरा स्थान पाने पर मिला।

इंस्टाग्राम पर शेयर की गई जानकारी से पता चलता है कि खुशबू ने 83 लाख बच्चों को पीछे छोड़कर यह उपलब्धि हासिल की, जिससे बलिया जिले का नाम रोशन हुआ। गांव लौटने पर दलन छपरा में भव्य स्वागत समारोह आयोजित किया गया, जहां स्थानीय लोग और नेता शामिल हुए।

परिवार की संघर्ष भरी कहानी और खुशबू का आईएएस बनने का सपना

खुशबू के पिता हरिशंकर यादव ने बताया कि वे गुड़गांव में लस्सी बेचते हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है, लेकिन बेटी की शिक्षा पर कोई समझौता नहीं करेंगे। खुशबू ने खुद कहा कि वह आईएएस अधिकारी बनना चाहती हैं और अपनी कला के साथ-साथ पढ़ाई पर भी ध्यान दे रही हैं। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट में इस बात का जिक्र है कि सम्मान समारोह में मिंटू सिंह, मुकेश सिंह, सुमंत सिंह, कुणाल सिंह जैसे स्थानीय लोग मौजूद रहे।

स्थानीय नेताओं पर सवाल: पूर्व प्रधान की आलोचना

दलन छपरा के पूर्व प्रधान और पूर्व सैनिक राज नारायण पासवान ने खुशबू की उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि यह सेनानी पं. रामअनंत पांडेय का गांव है, लेकिन यहां के जनप्रतिनिधियों ने छात्रा को कोई सम्मान नहीं दिया। इंस्टाग्राम पर वायरल रील्स में भी इस बात की चर्चा है कि खुशबू जैसी प्रतिभाएं ग्रामीण क्षेत्रों से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर चमक रही हैं, लेकिन स्थानीय समर्थन की कमी है।

खुशबू यादव की कहानी ग्रामीण भारत की बेटियों के लिए प्रेरणा है। भाजपा नेता सूर्यभान सिंह का यह कदम न केवल खुशबू की पढ़ाई में मदद करेगा बल्कि अन्य बच्चों को भी आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करेगा। इंस्टाग्राम पर गुड़गांव रिपोर्टर की रील में कहा गया है कि सरकारी स्कूल की छात्रा ने कमाल कर दिखाया है। अगर आप भी ऐसी खबरों से प्रेरित होते हैं, तो शेयर करें और ग्रामीण प्रतिभाओं को सपोर्ट करें। अधिक अपडेट के लिए फॉलो करें!

Abhishek

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