बलिया जिले में परिवहन निगम द्वारा रोडवेज बसों के लिए चार्जिंग स्टेशन के निर्माण को लेकर उम्मीदें जाग चुकी हैं। यह चार्जिंग स्टेशन पहले से प्रस्तावित था, और इसके निर्माण कार्य की शुरुआत जल्द होने वाली है। परिवहन निगम ने इस कार्य को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए कार्यदायी संस्था को पत्र भेजकर जल्द से जल्द कार्य शुरू करने का निर्देश दिया था। हालांकि, इसका निर्माण कार्य सितंबर महीने में ही शुरू होने वाला था, लेकिन जीराबस्ती वर्कशॉप में बारिश का पानी जमा होने के कारण कार्य में देरी हुई। अब परिवहन निगम ने पूरी योजना को फिर से गति देने के लिए आवश्यक कदम उठाए हैं, और जल्द ही कार्य की शुरुआत होने की उम्मीद जताई जा रही है।
Ballia Charging Station : चार्जिंग स्टेशन के बलिया मे निर्माण का महत्व
परिवहन निगम ने चार्जिंग स्टेशन के लिए पहले ही धनराशि जारी कर दी थी और इसे बनाने की जिम्मेदारी पिनैकल कंपनी को दी गई है। इस स्टेशन के तैयार होने के बाद जिले में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की उम्मीद जताई जा रही है। इससे जहां यात्रियों को सुविधा मिलेगी, वहीं प्रदूषण में भी काफी कमी आने की संभावना है। यह चार्जिंग स्टेशन जिले में परिवहन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा, क्योंकि इससे वातावरण में शुद्धता आएगी और साथ ही यह ऊर्जा के रूप में हरित विकल्प का प्रयोग करेगा।
ये भी पढे : UP School Closed News Today : UP में ठंड के कारण सभी स्कूल हुए बंद, Yogi Adityanath का आदेश
परिवहन निगम की योजना के अनुसार, यह चार्जिंग स्टेशन आजमगढ़ परिक्षेत्र के सात डिपो में से पहले बलिया डिपो में तैयार होगा। इसे लेकर परिवहन निगम ने बिजली विभाग की सभी शर्तों को पूरा कर लिया है। इसके बाद यह उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही इस डिपो में इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू हो जाएगा। फिलहाल, परिवहन निगम के पास आजमगढ़ परिक्षेत्र में एक भी इलेक्ट्रिक बस नहीं है, लेकिन गोरखपुर और वाराणसी से इलेक्ट्रिक बसों को संचालित करने की योजना है। आने वाली बसों के लिए इस चार्जिंग स्टेशन का इस्तेमाल किया जाएगा।
बलिया मे चार्जिंग स्टेशन का कार्य
चार्जिंग स्टेशन की कार्यविधि की बात करें, तो इसके लिए बिजली विभाग से 240 वाट का कनेक्शन लिया गया है। एक बार पूरी तरह से चार्ज होने के बाद, बस 200 किलोमीटर तक का सफर तय कर सकेगी। यह चार्जिंग स्टेशन विशेष रूप से इन बसों के लिए बनाया जा रहा है ताकि बसों का संचालन सुचारु रूप से हो सके और यात्रियों को बेहतरीन सुविधा मिल सके।
चार्जिंग प्रक्रिया में, बस को चार्ज होने में लगभग चार से पांच घंटे का समय लगता है। इस समय के भीतर बस पूरी तरह से चार्ज हो जाएगी, और फिर वह अपने निर्धारित मार्ग पर 200 किलोमीटर तक सफर कर सकेगी। इसके अलावा, चार्जिंग पॉइंट स्टेशन के लिए बिजली की सभी लाइनें अंडरग्राउंड बिछाई जानी हैं, ताकि सुरक्षा की दृष्टि से कोई समस्या न हो।
जीराबस्ती वर्कशॉप में बारिश की समस्या
जीराबस्ती वर्कशॉप में इस चार्जिंग स्टेशन के निर्माण का कार्य पहले ही पारित हो चुका था। लेकिन, मानसून के कारण बारिश का पानी वर्कशॉप में जमा हो गया, जिससे निर्माण कार्य में देरी हुई। इस समस्या के कारण कार्य को आगे बढ़ाना मुश्किल हो गया था। हालांकि, इस समस्या का समाधान अब निकाला जा रहा है और जल्द ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
परिवहन निगम के अधिकारियों के मुताबिक, कार्यदायी संस्था पिनैकल कंपनी को पत्र भेजकर जल्दी से जल्दी कार्य शुरू करने का निर्देश दिया गया है। अब इस परियोजना को गति देने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है ताकि जल्द से जल्द चार्जिंग स्टेशन का निर्माण कार्य पूरा हो सके।
इलेक्ट्रिक बसों का संचालन और प्रदूषण में कमी
परिवहन निगम के अनुसार, एक बार यह चार्जिंग स्टेशन तैयार हो जाने के बाद, जिले से इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू हो सकेगा। इसका सीधा लाभ यात्रियों को मिलेगा क्योंकि इससे बसों के संचालन की लागत में कमी आएगी और वातावरण में प्रदूषण भी कम होगा।
अगर हम इलेक्ट्रिक बसों के लाभ की बात करें, तो सबसे बड़ा लाभ यह है कि यह प्रदूषण रहित होती हैं। इन बसों के चलने से न केवल वातावरण साफ रहेगा, बल्कि स्थानीय नागरिकों को भी एक स्वस्थ जीवन जीने का अवसर मिलेगा। इसके अलावा, इन बसों की सवारी से लोकल यात्रियों को भी फायदा होगा, क्योंकि यह बसें उन मार्गों पर चलेंगी जहां पहले यात्री बसों का संचालन नहीं था।
गोरखपुर और वाराणसी से बसों का संचालन
गोरखपुर और वाराणसी से आने वाली इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए भी यह चार्जिंग स्टेशन तैयार किया जा रहा है। इससे गोरखपुर से हनुमानगंज, सुखपुरा, सिकंदरपुर, बंशीबाजार और बेल्थरारोड तक जाने वाले लोकल यात्रियों को भी लाभ होगा। इन इलाकों में इलेक्ट्रिक बसों के चलने से यातायात व्यवस्था में सुधार आएगा और स्थानीय लोगों को लंबी दूरी के सफर में सुविधा होगी।
पिनैकल कंपनी की चार्जिंग स्टेशन मे भूमिका
इस परियोजना में पिनैकल कंपनी को कार्यदायी संस्था के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई है। पिनैकल कंपनी चार्जिंग स्टेशन के निर्माण का काम करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि चार्जिंग स्टेशन की सारी सुविधाएं पूरी तरह से उपलब्ध हों। कंपनी की जिम्मेदारी होगी कि चार्जिंग स्टेशन का निर्माण कार्य समय पर पूरा हो, और इसके संचालन में किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो।
बलिया में परिवहन निगम द्वारा चार्जिंग स्टेशन का निर्माण किया जा रहा है। यह स्टेशन जीराबस्ती वर्कशॉप में स्थित होगा और जल्द ही संचालन के लिए तैयार हो जाएगा।
चार्जिंग स्टेशन का निर्माण कार्य जल्द ही शुरू होगा। पहले इसकी शुरुआत सितंबर में होनी थी, लेकिन बारिश के कारण कुछ देरी हो गई है। अब यह परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है।
इस चार्जिंग स्टेशन का निर्माण पिनैकल कंपनी द्वारा किया जा रहा है। यह कंपनी कार्यदायी संस्था के रूप में जिम्मेदार है।








2 thoughts on “Ballia Charging Station: बनने जा रहा है चार्जिंग स्टेशन , जल्दी शुरू होगी बलिया से इलेक्ट्रिक बसे”