दिसंबर 2025 में भारतीय संसद ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) के स्थान पर एक नया कानून पारित किया है। यह नया कानून “विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)” या VB-G RAM G के नाम से जाना जाएगा। इस कानून के लिए राष्ट्रपति की मंजूरी भी मिल चुकी है और यह कानून अब ग्रामीण विकास और रोजगार की दिशा में एक नई क्रांति की शुरुआत करने वाला है।
मनरेगा का इतिहास और उद्देश्य
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) की शुरुआत 2005 में भारत सरकार ने की थी। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी और बेरोजगारी से निपटना था। इसके तहत, सरकार ने यह गारंटी दी थी कि प्रत्येक ग्रामीण परिवार को साल में कम से कम 100 दिन तक मजदूरी मिल सकेगी, जिससे उन्हें अपनी आजीविका कमा सकें। यह योजना मुख्य रूप से कृषि आधारित कामों को बढ़ावा देती थी और ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत संरचनाओं की जरूरतों को पूरा करती थी।
मनरेगा का उद्देश्य मुख्य रूप से निम्नलिखित था:
- ग्रामीण रोजगार का सृजन: गांवों में काम की कमी को दूर करना।
- ग्रामीण विकास: जल, सड़क, भवन, और अन्य संरचनाओं का निर्माण।
- पारदर्शिता और जवाबदेही: हर कार्य में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना।
हालांकि मनरेगा ने काफी सफलता भी हासिल की थी, लेकिन यह योजना कई बार विवादों में भी रही। कई स्थानों पर इसे प्रभावी ढंग से लागू नहीं किया जा सका, और रोजगार की गुणवत्ता के साथ-साथ भ्रष्टाचार भी इस योजना के बड़े मुद्दे रहे। यही कारण है कि अब सरकार ने इसे अपडेट करके नया कानून पारित किया है, जिसे VB-G RAM G के नाम से जाना जाएगा।
मनरेगा के जगह अब नया VB-G RAM G का परिचय
“विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)” या VB-G RAM G का उद्देश्य एक नया दृष्टिकोण अपनाकर ग्रामीण विकास और रोजगार के मुद्दों का समाधान करना है। यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों को बढ़ाने के साथ-साथ टिकाऊ विकास पर भी ध्यान केंद्रित करती है। इसका उद्देश्य भारत को 2047 तक विकसित देशों की श्रेणी में लाना है, और इसे लेकर केंद्र सरकार और राज्य सरकारों को समान रूप से जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
VB-G RAM G और मनरेगा में मुख्य अंतर
VB-G RAM G ने मनरेगा की जगह ली है, और इसके तहत कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। ये बदलाव रोजगार, कार्य क्षेत्र, निगरानी, और वित्तीय सहायता के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण हैं। यहां दोनों योजनाओं के बीच मुख्य अंतर को एक तालिका में प्रस्तुत किया गया है:
| नाम | मनरेगा (MGNREGA) | वीबी जी राम जी (VB-G RAM G) |
|---|---|---|
| पूर्ण नाम | महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम | विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) |
| रोजगार के दिन | प्रति वर्ष 100 दिन गारंटी (कुछ मामलों में अतिरिक्त) | प्रति वर्ष 125 दिन गारंटी |
| फंडिंग अनुपात | केंद्र सरकार मजदूरी का 100% और कुल का ज्यादातर हिस्सा (90-100%) | केंद्र:राज्य = 60:40 (राज्यों पर ज्यादा बोझ) |
| कृषि सीजन में काम | कोई प्रतिबंध नहीं | बुआई-कटाई के मौसम में 60 दिनों तक काम नहीं (राज्य अधिसूचित करेंगे, किसानों को मजदूर मिलें इसलिए) |
| फोकस क्षेत्र | सामान्य ग्रामीण कार्य | जल संरक्षण, सड़क, इंफ्रास्ट्रक्चर को प्राथमिकता; टिकाऊ विकास पर जोर |
| निगरानी | सामान्य | एआई, जीपीएस, डिजिटल मॉनिटरिंग |
| उद्देश्य | ग्रामीण गरीबी और बेरोजगारी से राहत | विकसित भारत 2047 के साथ जोड़कर लंबे समय का विकास |
प्रमुख बदलाव
- रोजगार के दिन:
मनरेगा में प्रत्येक परिवार को प्रति वर्ष 100 दिन तक काम करने की गारंटी मिलती थी, जबकि VB-G RAM G के तहत यह संख्या बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है। इस बदलाव का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र में अधिक रोजगार के अवसर प्रदान करना है, जिससे परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो सके। - फंडिंग अनुपात:
मनरेगा में केंद्र सरकार पूरी मजदूरी का 100% भुगतान करती थी, जबकि VB-G RAM G में केंद्र और राज्य सरकार के बीच 60:40 का फंडिंग अनुपात तय किया गया है। इसका मतलब है कि अब राज्यों को भी अधिक वित्तीय जिम्मेदारी उठानी पड़ेगी। यह बदलाव राज्यों के लिए एक चुनौती हो सकता है, लेकिन इससे केंद्र और राज्य दोनों की भागीदारी सुनिश्चित होगी। - कृषि सीजन में काम:
मनरेगा में कृषि सीजन में कोई प्रतिबंध नहीं था, जिससे मजदूरी के कामों को प्रभावित नहीं किया जाता था। लेकिन VB-G RAM G में बुआई और कटाई के मौसम में 60 दिनों तक काम करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को काम के लिए मजदूर मिल सकें और कृषि कार्य में कोई विघ्न न आए। - फोकस क्षेत्र:
मनरेगा का ध्यान मुख्य रूप से सामान्य ग्रामीण कार्यों पर था, जबकि VB-G RAM G में जल संरक्षण, सड़क निर्माण, और इंफ्रास्ट्रक्चर पर अधिक ध्यान दिया जाएगा। इसके साथ ही टिकाऊ विकास को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि दीर्घकालिक प्रभाव दिखे। - निगरानी और पारदर्शिता:
VB-G RAM G में निगरानी के लिए नए तकनीकी उपायों को अपनाया जाएगा। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), GPS, और डिजिटल मॉनिटरिंग का इस्तेमाल किया जाएगा, जो योजना की पारदर्शिता और प्रभावशीलता को बढ़ाएंगे। इससे यह सुनिश्चित होगा कि योजनाओं का सही तरीके से क्रियान्वयन हो और भ्रष्टाचार कम हो।
VB-G RAM G का उद्देश्य
विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) का मुख्य उद्देश्य भारत को 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाना है। यह मिशन न केवल रोजगार सृजन करेगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत संरचनाओं का भी विकास करेगा। इसके द्वारा भारत की 2047 तक की विकास यात्रा को गति मिलेगी। इस योजना के तहत ग्रामीण बेरोजगारी को समाप्त करना और लोगों को स्थायी रोजगार के अवसर प्रदान करना शामिल है।
साथ ही, यह योजना कृषि आधारित कार्यों के अलावा जल संरक्षण और टिकाऊ विकास पर भी विशेष जोर देगी, जो कि लंबे समय तक ग्रामीण विकास में योगदान देगा। जल संरक्षण, सड़क निर्माण, और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर कार्यों के जरिए न केवल रोजगार मिलेगा, बल्कि ग्रामीण इलाकों का विकास भी होगा।









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