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UP School Closed 2025 : उत्तर प्रदेश सरकार ने 27 सितंबर 2025 को घोषित किया सार्वजनिक अवकाश

December 24, 2025 5:13 PM
UP School Holiday 2025 : उत्तर प्रदेश सरकार ने 27 सितंबर 2025 को घोषित किया सार्वजनिक अवकाश
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने वर्ष 2025 के लिए घोषित अवकाशों की सूची में एक महत्वपूर्ण संशोधन करते हुए 27 सितंबर 2025 को गुरु गोविंद सिंह जयंती पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग, उत्तर प्रदेश शासन द्वारा औपचारिक आदेश जारी कर दिया गया है। यह निर्णय शासन स्तर पर सम्यक विचारोपरांत लिया गया है और इसका उद्देश्य प्रदेश के नागरिकों को संबंधित महापुरुष गुरु गोविंद सिंह जी के सम्मान में अवकाश प्रदान करना है।

सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना

उत्तर प्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन अनुभाग द्वारा जारी इस आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह निर्णय पूर्व में जारी शासनादेश संख्या 870/तीन-2024-39(2)/2016, दिनांक 17 दिसंबर 2024 के संदर्भ में लिया गया है। उक्त शासनादेश में वर्ष 2025 के लिए अवकाशों की जो सूची जारी की गई थी, उसी में आवश्यक संशोधन करते हुए यह नया अवकाश जोड़ा गया है।

अधिसूचना के अनुसार, वर्ष 2025 की घोषित अवकाश सूची में क्रमांक-2 के संदर्भ (iv) के अंतर्गत संशोधन करते हुए क्रमांक-3 के रूप में इस अवकाश को सम्मिलित किया गया है।

बलिया मे किस अवसर पर घोषित किया गया अवकाश

शासनादेश में दी गई तालिका के अनुसार, यह सार्वजनिक अवकाश महापुरुष की जयंती गुरु गोविंद सिंह जयंती के अवसर पर घोषित किया गया है। आदेश में संबंधित महापुरुष का नाम, जन्म तिथि, स्मृति दिवस तथा अवकाश की तिथि का स्पष्ट उल्लेख किया गया है।

अधिसूचना के अनुसार:

  • अवकाश की तिथि: 27 सितंबर 2025
  • अवसर: संबंधित महापुरुष का जन्म/स्मृति दिवस
  • प्रकृति: सार्वजनिक अवकाश

यह अवकाश प्रदेश के सभी सरकारी कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों और अन्य शासकीय प्रतिष्ठानों में लागू होगा, सिवाय उन सेवाओं के जिन्हें आवश्यक सेवाओं की श्रेणी में रखा गया है।

बलिया के सभी विभागों और कार्यालयों को निर्देश

सामान्य प्रशासन विभाग ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया है कि यह अवकाश उत्तर प्रदेश शासन के अधीन कार्यरत सभी विभागों, निगमों, परिषदों, बोर्डों तथा सहायता प्राप्त संस्थानों पर समान रूप से लागू होगा। जिलाधिकारियों, मंडलायुक्तों और विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करें।

साथ ही, यह भी कहा गया है कि जिन विभागों में आवश्यक सेवाएं संचालित होती हैं—जैसे स्वास्थ्य, पुलिस, अग्निशमन, बिजली, जलापूर्ति आदि—वहां आवश्यकतानुसार वैकल्पिक व्यवस्थाएं की जाएंगी, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

डिजिटल हस्ताक्षर के साथ जारी हुआ आदेश

यह शासनादेश डिजिटली साइन किया गया है, जिससे इसकी प्रामाणिकता और वैधानिकता सुनिश्चित होती है। आदेश पर सामान्य प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव मनीष चौहान के डिजिटल हस्ताक्षर अंकित हैं। आदेश जारी होने की तिथि 01 दिसंबर 2025 और समय 15:13:44 दर्ज है।

किन-किन को भेजी गई आदेश की प्रति

शासनादेश में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि इस आदेश की प्रतिलिपि जानकारी एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु अनेक उच्च अधिकारियों और विभागों को भेजी गई है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

  1. मुख्यमंत्री कार्यालय, उत्तर प्रदेश
  2. मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन
  3. अपर मुख्य सचिव / प्रमुख सचिव, समस्त विभाग
  4. समस्त मंडलायुक्त
  5. समस्त जिलाधिकारी
  6. पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश
  7. सूचना एवं जनसंपर्क विभाग
  8. वित्त विभाग
  9. विधानसभा सचिवालय
  10. राज्यपाल सचिवालय
  11. भारत सरकार के संबंधित मंत्रालय
  12. अन्य संबद्ध कार्यालय एवं संस्थान

आम जनता और कर्मचारियों में संतोष

सरकारी कर्मचारियों और आम नागरिकों में इस घोषणा को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया देखी जा रही है। एक अतिरिक्त सार्वजनिक अवकाश मिलने से जहां कर्मचारियों को राहत मिलेगी, वहीं संबंधित महापुरुष के जीवन और योगदान को याद करने तथा उनसे प्रेरणा लेने का अवसर भी प्राप्त होगा।

शिक्षण संस्थानों में भी इस अवकाश को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। कई सामाजिक और सांस्कृतिक संगठनों द्वारा इस दिन संगोष्ठी, श्रद्धांजलि कार्यक्रम और विचार गोष्ठियों के आयोजन की संभावना जताई जा रही है।

प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण निर्णय

विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के अवकाश केवल विश्राम का अवसर नहीं होते, बल्कि समाज को अपने महापुरुषों के विचारों, संघर्षों और योगदान से जोड़ने का माध्यम भी बनते हैं। शासन का यह निर्णय सांस्कृतिक और सामाजिक चेतना को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

साथ ही, अवकाशों की सूची में समय रहते संशोधन कर देना प्रशासनिक दक्षता को भी दर्शाता है, जिससे विभागों और संस्थानों को अपनी कार्ययोजनाएं पहले से तैयार करने में सुविधा मिलती है।

बलिया न्यूज के साथ अभिषेक

Abhishek

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