बलिया जिले में ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है, जो क्षेत्र के विकास के लिए एक मील का पत्थर साबित होने वाला है। इस एक्सप्रेसवे का उद्देश्य न केवल ट्रैफिक के दबाव को कम करना है, बल्कि यह जिले के सामाजिक और आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देने वाला है। इस परियोजना के तहत गाजीपुर से लेकर मांझीघाट तक 82 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क का निर्माण किया जा रहा है। इस एक्सप्रेसवे के बनने से बलिया और इसके आसपास के क्षेत्रों में यातायात का सुगम और तेज मार्ग उपलब्ध होगा। साथ ही, लखनऊ और वाराणसी जैसे बड़े शहरों की दूरी भी कम हो जाएगी।
माल्देपुर को जोड़ने की महत्वाकांक्षी पहल
ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को बलिया शहर से जोड़ने की मांग काफी समय से उठ रही थी। शहर के पास स्थित माल्देपुर को एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए लंबे समय से प्रयास किए जा रहे थे। पहले यह योजना थी कि शहर से करीब 8 किलोमीटर पहले जनेश्वर मिश्र सेतु के पास या 12 किलोमीटर दूर सिंहाचवर के पास ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे पर चढ़ने और उतरने का प्रबंध किया जाए, लेकिन शहरवासियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए, माल्देपुर को ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे से जोड़ने की मांग तेज हो गई थी।
यह मांग अब पूरी होती नजर आ रही है, क्योंकि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचआई) ने माल्देपुर से ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को जोड़ने के लिए Detailed Project Report (DPR) तैयार करने की हरी झंडी दे दी है। अब इस DPR को राज्य सरकार को भेजा जाएगा और उसके स्वीकृत होने के बाद, इस काम को जल्द ही शुरू किया जाएगा।
एक्सप्रेसवे का लाभ
इस नई सड़क के बनने से बलिया शहर के निवासियों को लंबी दूरी तय करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। अब तक, शहरवासियों को ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे तक पहुंचने के लिए काफी लंबा रास्ता तय करना पड़ता था, जिससे यात्रा में समय और ऊर्जा की बर्बादी होती थी। लेकिन, जब माल्देपुर को सीधे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा, तो शहरवासियों को मात्र 3 किलोमीटर की दूरी तय करनी होगी। इससे उनकी यात्रा की समयावधि में काफी कमी आएगी और साथ ही, ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा।
परियोजना की अनुमानित लागत और महत्व
इस ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 82 किलोमीटर है, जो बलिया जिले के चितबड़ागांव के पास स्थित एक टोल प्लाजा से शुरू होकर गाजीपुर जिले के जंगीपुर तक जाएगा। इस एक्सप्रेसवे के निर्माण पर लगभग 5500 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है, जिसमें से 2700 करोड़ रुपये सड़क निर्माण पर और 2800 करोड़ रुपये भूमि अधिग्रहण पर खर्च किए जा रहे हैं।
ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे की मुख्य विशेषता यह है कि यह बलिया से बिहार सीमा के हृदयपुर गांव से शुरू होकर गाजीपुर जिले के जंगीपुर तक जाएगा। इस एक्सप्रेसवे के बनने से न केवल बलिया और गाजीपुर, बल्कि वाराणसी और लखनऊ जैसे बड़े शहरों की दूरी भी कम हो जाएगी। यह परियोजना इन शहरों के बीच यात्रा को बेहद आसान और तेज बना देगी, जिससे व्यापार और पर्यटन में भी वृद्धि होगी।
ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे से जुड़ी महत्वपूर्ण स्थलों की जानकारी
बलिया जिले में ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के लिए विभिन्न स्थानों पर चढ़ने-उतरने की व्यवस्था की जा रही है। इन स्थलों का चयन इस तरह किया गया है कि लोगों को एक्सप्रेसवे तक पहुंचने में कोई परेशानी न हो।
- तहसील बलिया:
- एकौनी नियर फेफना – एनएच-31 गाजीपुर रोड
- जनाड़ी – बेयासी बलिया गंगा रोड
- ओझा कछुआ – एनएच-31 बैरिया रोड
- भरखौता – हल्दी रोड
- तहसील बैरिया:
- टेंगरही – एनएच-31 बैरिया रोड
- भोजापुर – लालगंज-बैरिया रोड
- इब्राहिमाबाद उपवार – एनएच-31 हाजीपुर रोड
- मांझी – मांझी डुमरी ताजपुर रोड
यह नेटवर्क न केवल शहरवासियों के लिए सुगम मार्ग उपलब्ध कराएगा, बल्कि इससे यात्रियों को ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का पूरा लाभ मिलेगा। साथ ही, इन प्रमुख स्थानों पर चढ़ने और उतरने की व्यवस्था से ट्रैफिक की भी बेहतर व्यवस्था होगी।
भरौली गोलंबर पर बनेगा ग्रैंड जंक्शन
मांझी-गाजीपुर ग्रीनफील्ड के न्यू उर्फ ऊचाडीह से भरौली बक्सर की सीमा तक बनाए जा रहे 17.270 किलोमीटर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे पर भरौली के पास एक ग्रैंड जंक्शन बनेगा। इस जंक्शन के बनने से बलिया-गाजीपुर एनएच-31 पर चलने वाले वाहनों के साथ-साथ बक्सर से आने वाले वाहन भी इस मार्ग पर प्रवेश कर सकेंगे। इससे न केवल ट्रैफिक की सुगमता बढ़ेगी, बल्कि यह जंक्शन एक प्रमुख कनेक्टिविटी हब बन जाएगा।
परियोजना निदेशक का बयान
इस प्रोजेक्ट के निर्माण कार्य की गति को लेकर परियोजना निदेशक पीयूष अग्रवाल ने कहा कि “ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। शहर के माल्देपुर के पास ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे पर चढ़ने और उतरने के निर्माण के लिए DPR तैयार हो रही है। इसके बाद इसे राज्य सरकार को भेजा जाएगा, और वहां से स्वीकृति मिलने के बाद हम इसे आगे बढ़ाएंगे।”
इस बयान से साफ है कि इस परियोजना की सफलता के लिए सभी पक्षों से पूरा सहयोग मिल रहा है और इसे समय पर पूरा करने के लिए गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं।
बलिया न्यूज के साथ अभिषेक







