रेलवे प्रशासन ने प्रयागराज में आयोजित होने वाले माघ मेला के दौरान श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। यह निर्णय श्रद्धालुओं की यात्रा को सहज और सुविधाजनक बनाने के लिए लिया गया है। 1 जनवरी से 17 फरवरी, 2026 तक प्रतिदिन दो विशेष अनारक्षित रिंग रेल सेवाओं का संचालन किया जाएगा, जो माघ मेला के दौरान बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को यात्रा में सहायता प्रदान करेंगी। इन रिंग रेल सेवाओं के जरिए बलिया जनपद के प्रमुख स्टेशनों जैसे बलिया, सुरेमनपुर, चितबड़ागांव और बेल्थरारोड से होकर ट्रेनें गुजरेंगी, जिससे यात्रियों को कई प्रमुख धार्मिक स्थलों तक पहुंचने का एक आसान और किफायती तरीका मिलेगा।
विशेष रिंग रेल सेवाओं की जानकारी
रेलवे प्रशासन ने जिन दो अनारक्षित विशेष रिंग रेल सेवाओं की घोषणा की है, उनका उद्देश्य माघ मेला के दौरान बढ़ी हुई यात्री संख्या को सरल बनाना है। इन ट्रेनों का संचालन सुबह और दोपहर के समय किया जाएगा ताकि यात्रियों को बेहतर समय सारणी और यात्रा के लिए उपयुक्त विकल्प मिल सके।
पहली रिंग रेल सेवा: गाड़ी संख्या 05101
पहली विशेष रिंग रेल सेवा का संचालन गाड़ी संख्या 05101 के तहत किया जाएगा। यह ट्रेन झूसी-गाजीपुर सिटी-छपरा-थावे-सीवान-भटनी रिंग रेल होगी। यह ट्रेन 1 जनवरी से लेकर 17 फरवरी, 2026 तक प्रतिदिन झूसी से सुबह 09:00 बजे रवाना होगी। इस ट्रेन का मार्ग प्रमुख स्टेशनों से होकर गुजरेगा, जिनमें ज्ञानपुर रोड, बनारस, वाराणसी जंक्शन, गाजीपुर सिटी, बलिया, छपरा, सीवान, थावे, भटनी शामिल हैं। इस ट्रेन के माध्यम से यात्रियों को इन महत्वपूर्ण स्थानों तक आसान यात्रा का अवसर मिलेगा।
ट्रेन का अंतिम स्टेशन झूसी होगा, और यह अगले दिन सुबह 04:15 बजे झूसी वापस पहुंचेगी। यह ट्रेन यात्रियों को एक दिन के भीतर अपनी यात्रा पूरी करने का अवसर प्रदान करेगी, जिससे उन्हें अपने धार्मिक कार्यों के लिए पर्याप्त समय मिल सकेगा।
दूसरी रिंग रेल सेवा: गाड़ी संख्या 05102
दूसरी विशेष रिंग रेल सेवा का संचालन गाड़ी संख्या 05102 के तहत किया जाएगा। यह ट्रेन झूसी-बनारस-मऊ-भटनी-सीवान-थावे-छपरा-बलिया-गाजीपुर सिटी-वाराणसी सिटी-झूसी रिंग रेल होगी। इस ट्रेन का संचालन भी 1 जनवरी से लेकर 17 फरवरी, 2026 तक प्रतिदिन किया जाएगा। यह ट्रेन झूसी से दोपहर 02:30 बजे रवाना होगी और प्रमुख स्टेशनों जैसे ज्ञानपुर रोड, बनारस, वाराणसी जंक्शन, मऊ, बेल्थरारोड, भटनी, सीवान, थावे, छपरा, बलिया, और गाजीपुर सिटी से होकर यात्रा करेगी। यह ट्रेन अगले दिन सुबह 09:00 बजे झूसी वापस पहुंचेगी।
यह दूसरी ट्रेन भी यात्रियों को अपनी यात्रा को समय पर और आरामदायक तरीके से पूरा करने का अवसर प्रदान करेगी। इसकी समय सारणी को देखते हुए श्रद्धालु अपनी यात्रा की योजना पहले से बना सकते हैं और यात्रा में कोई परेशानी नहीं होगी।
कोचों की संख्या
इन दोनों रिंग रेल सेवाओं में कुल 16 कोच लगाए जाएंगे, जो यात्रियों के लिए पर्याप्त जगह और सुविधा प्रदान करेंगे। इनमें से 14 कोच सामान्य द्वितीय श्रेणी और शयनयान श्रेणी (अनारक्षित) के होंगे। ये कोच अनारक्षित होने के कारण यात्री अपनी सुविधा के अनुसार यात्रा कर सकते हैं और सीटों पर बैठने की कोई पाबंदी नहीं होगी।
इसके अलावा, 02 एस.एल.आर.डी. कोच भी इन ट्रेनों में शामिल किए जाएंगे। एस.एल.आर.डी. (Special Luggage and Parcel Van) कोच का मुख्य उद्देश्य यात्रियों के सामान और पार्सल को सुरक्षित रूप से ढोना है। इससे यात्रियों को अपनी सामान की चिंता करने की जरूरत नहीं होगी, और उनका सामान सुरक्षित रहेगा।
इस व्यवस्था के तहत, यात्रियों को कम कीमत में उच्च गुणवत्ता वाली यात्रा की सुविधा प्राप्त होगी। अनारक्षित कोचों के कारण, यह ट्रेनें अधिक से अधिक यात्रियों को अपनी यात्रा पर ले जाने में सक्षम होंगी, और वे आसानी से अपनी यात्रा को पूरा कर सकेंगे।
श्रद्धालुओं के लिए लाभ
इन विशेष रिंग रेल सेवाओं के द्वारा माघ मेला में आने वाले श्रद्धालुओं को कई प्रकार के लाभ मिलेंगे। माघ मेला उत्तर भारत के प्रमुख धार्मिक मेलों में से एक है, जिसमें लाखों की संख्या में श्रद्धालु प्रयागराज आते हैं। इस मेले के दौरान रेलवे पर यात्रियों का दबाव बहुत अधिक होता है, जिससे सामान्य ट्रेनों में भीड़-भाड़ हो जाती है।
इन विशेष रिंग रेल सेवाओं के संचालन से श्रद्धालुओं को सीधे और आसान रास्ते से यात्रा करने का अवसर मिलेगा, जिससे वे बिना किसी परेशानी के माघ मेला में पहुंच सकेंगे। विशेष रूप से अनारक्षित ट्रेनों की सेवा से, जो श्रद्धालु बिना सीट के यात्रा करना चाहते हैं, उन्हें भी यात्रा का अवसर मिलेगा।







