बांसडीह पुलिस ने मारपीट और हत्या के प्रयास के प्रकरण में दो नामजद आरोपियों को दबोचने में बड़ी सफलता प्राप्त की है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे अपराधियों के खिलाफ सघन अभियान के तहत की गई। इस कार्रवाई ने न केवल पुलिस की तत्परता को दिखाया, बल्कि यह भी साबित किया कि पुलिस किसी भी अपराधी को सजा दिलाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। आइए जानते हैं इस पूरे मामले की विस्तार से जानकारी।
घटना का विवरण
29 नवंबर 2025 को बांसडीह थाना क्षेत्र के हुसैनाबाद निवासी नीरज दुबे ने पुलिस में तहरीर दी, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि वे अपने घर के मांगलिक कार्यक्रम हेतु सब्जी खरीदने के लिए परिवार और दोस्तों के साथ केवरा बाजार गए थे। इस दौरान, ग्राम प्रधान संजीत यादव और उनके साथियों ने उन पर धारदार हथियार, लोहे की राड, लाठी-डंडे और ईंट-पत्थरों से सामूहिक हमला किया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बना दिया और पुलिस प्रशासन को सक्रिय कर दिया।
नीरज दुबे द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर बांसडीह पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की और इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज किया। इस मामले में आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया, जिसमें 191(2)/191(3)/190/115(2)/352/351(3)/109(1)/110 बीएनएस शामिल थीं। इन धाराओं के तहत गंभीर अपराधों जैसे मारपीट, हत्या के प्रयास, और सामूहिक हिंसा का मामला दर्ज किया गया। पुलिस प्रशासन ने अपराधियों की तलाश में पूरे क्षेत्र में सघन अभियान शुरू कर दिया था।
पुलिस की तत्परता और कार्रवाई
अपर पुलिस अधीक्षक (उत्तरी) दिनेश कुमार शुक्ला के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी बांसडीह जयशंकर मिश्र के नेतृत्व में बांसडीह थाना पुलिस ने इस केस पर गंभीरता से काम किया। पुलिस टीम ने इलाके में गहन जांच-पड़ताल शुरू की और संभावित अपराधियों की पहचान की। इसके बाद, पुलिस ने मुखबिर से सूचना प्राप्त की, जिसके आधार पर कार्रवाई की गई।
मुखबिर की सटीक सूचना पर बांसडीह पुलिस ने केवरा नहर मोड़ के पास दो नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में संजीत यादव और अतुल कुमार सिंह शामिल थे। दोनों आरोपी हुसैनाबाद के निवासी हैं और इस हमले में मुख्य आरोपी माने जा रहे थे। संजीत यादव, ग्राम प्रधान के पद पर था और अतुल कुमार सिंह उसका करीबी सहयोगी था।
आरोपियों की गिरफ्तारी
पुलिस की टीम ने व0उ0नि0 बांक बहादुर सिंह और उनकी टीम की मदद से सुबह 11:45 बजे केवरा नहर मोड़ के पास छापेमारी की। इस दौरान दोनों आरोपी, संजीत यादव और अतुल कुमार सिंह, गिरफ्तार किए गए। पुलिस ने उन्हें तुरंत गिरफ्तार कर उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई शुरू कर दी। गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां उन्हें जेल भेज दिया गया।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने पुष्टि की कि संजीत यादव और अतुल कुमार सिंह ही इस घटना के मुख्य आरोपी थे और उन्होंने नीरज दुबे और उनके परिवार पर जानलेवा हमला किया था। दोनों आरोपियों पर धारदार हथियार, लाठी-डंडे, राड और पत्थरों से हमला करने का आरोप है। यह हमला इतनी बर्बरता से किया गया कि नीरज दुबे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी।
पुलिस अधीक्षक का बयान
पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने इस मामले में बांसडीह पुलिस की कार्रवाई को सराहा और कहा कि यह गिरफ्तारी उनके निरंतर प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि पुलिस की यह सफलता इस बात को सिद्ध करती है कि अपराधियों के खिलाफ पुलिस का अभियान निरंतर जारी रहेगा और किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि अपराधियों को कानून के दायरे में लाना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसके लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस प्रशासन के द्वारा अपराधियों के खिलाफ अभियान और तेज किया जाएगा, ताकि क्षेत्र में अपराधों पर काबू पाया जा सके। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस आम जनता की सुरक्षा को प्राथमिकता देती है और इसी कारण पुलिस अधिकारियों को नियमित रूप से क्षेत्र में गश्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
क्षेत्रीय अधिकारी और पुलिस टीम की भूमिका
इस सफल कार्रवाई में क्षेत्राधिकारी बांसडीह जयशंकर मिश्र का योगदान महत्वपूर्ण था। उन्होंने अपनी टीम के साथ मिलकर इस मामले पर पूरी तरह से ध्यान दिया और केस की तफ्तीश में तेजी लाई। साथ ही, अपर पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार शुक्ला के मार्गदर्शन में पुलिस ने इस केस को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया। पुलिस की टीम ने कड़ी मेहनत की और सही सूचना के आधार पर कार्रवाई की, जिसके परिणामस्वरूप आरोपी गिरफ्तार हो पाए।