हाल ही में, बलिया जिले के बैरिया पुलिस ने बड़ी मात्रा में अवैध शराब की खेप पकड़ी और इस सिलसिले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। इस अवैध शराब की खेप की अनुमानित कीमत लगभग 16 लाख 75 हजार 200 रुपए बताई जा रही है। पुलिस की यह कार्रवाई 4 नवंबर को उपनिरीक्षक श्याम प्रकाश मिश्र के नेतृत्व में हुई, जब बैरिया पुलिस टीम ने दिनदहाड़े गश्त के दौरान एक संदिग्ध वाहन को रोकने की कोशिश की और उसके बाद कड़ी मेहनत से शराब की बड़ी खेप बरामद की।
घटनास्थल पर गिरफ्तारी और शराब की बरामदगी
घटना के समय बैरिया पुलिस की टीम क्षेत्र में नियमित गश्त कर रही थी। गश्त के दौरान पुलिस को शोभाछपरा से एक अशोक लीलैंड पिकअप वाहन तेज गति से आते हुए दिखा। पुलिस टीम ने उस वाहन को रुकवाने के लिए टॉर्च की रोशनी दिखाते हुए उसे रुकने का इशारा किया। हालांकि, वाहन चालक ने पुलिस को देखते ही भागने की कोशिश की और शंकर नगर की ओर तेज़ी से मुड़ते हुए फरार हो गया।
पुलिस ने बिना देर किए उसका पीछा करना शुरू किया और घटनास्थल के पास स्थित चौकी प्रभारी जयप्रकाश नगर, मयंक कुमार को सूचना दी। चौकी प्रभारी ने अपनी टीम के साथ उस वाहन को घेरने के लिए तत्परता दिखाते हुए गोबर्धन पर्वत मंदिर के पास पिकअप को घेर लिया। जैसे ही पिकअप चालक ने यह महसूस किया कि वह घिर चुका है, उसने वाहन रोक दिया। पिकअप में सवार एक व्यक्ति ने अंधेरे का फायदा उठाते हुए मौके से भागने में सफलता पाई, जबकि पिकअप चालक को पुलिस ने मौके पर ही पकड़ लिया।
आरोपी की पहचान और पूछताछ
पुलिस ने गिरफ्तार किए गए पिकअप चालक से पूछताछ की, तो उसने अपनी पहचान चंदन सिंह यादव के रूप में बताई। चंदन सिंह यादव का नाम बलिराम यादव के पुत्र के रूप में सामने आया, जो बलिया जिले के सुखपुरा थाना क्षेत्र के तपनी गांव का निवासी है। पुलिस ने पिकअप से 270 पेटी शराब बरामद की, जिसमें 50 पेटी “रॉयल स्टेज” (450 लीटर) और 220 पेटी “ऑफिसर्स चॉइस फ्रूटी” (1900.8 लीटर) शामिल थी। कुल मिलाकर, पुलिस ने लगभग 2350.08 लीटर अंग्रेजी शराब जब्त की। इसके साथ ही, पुलिस ने शराब परिवहन में इस्तेमाल हो रहे पिकअप वाहन को भी सीज कर दिया।
शराब की तस्करी और अपराधिक नेटवर्क का खुलासा
पूछताछ के दौरान, चंदन सिंह यादव ने पुलिस को बताया कि यह शराब वेदांस केडिया, जो कि बलिया के जलालपुर में स्थित है, से लादी गई थी। शराब का यह खेप बिहार में तस्करी के उद्देश्य से भेजी जा रही थी। चंदन सिंह यादव ने बताया कि उसे और उसके साथी विक्की सिंह को इस अवैध शराब की सप्लाई करने का काम अमरजीत सिंह नामक व्यक्ति द्वारा दिया गया था, जो बैरिया क्षेत्र के सिताबदीयर गांव का निवासी है।
इस खुलासे से पुलिस को यह पता चला कि यह शराब का पूरा नेटवर्क बिहार के विभिन्न हिस्सों में अवैध रूप से बेची जा रही थी। शराब के इस खेप को उच्च दामों पर बेचकर अमरजीत सिंह और विक्की सिंह मुनाफा कमाते थे, जो उनके लिए आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत था। आरोपी चंदन सिंह यादव ने यह भी बताया कि यह व्यापार उनके गुजारे का मुख्य जरिया था। पुलिस ने चंदन सिंह यादव के बयान के आधार पर विक्की सिंह और अमरजीत सिंह के खिलाफ मामले की जांच शुरू कर दी है।
शराब तस्करी: एक गंभीर सामाजिक मुद्दा
अवैध शराब की तस्करी देशभर में एक गंभीर समस्या बन चुकी है। यह न केवल कानून के लिए चुनौती पैदा करती है, बल्कि समाज में विभिन्न प्रकार के अपराधों और असामाजिक तत्वों को भी बढ़ावा देती है। अवैध शराब का कारोबार लगातार बढ़ रहा है, जिससे न केवल राज्य की आय का नुकसान हो रहा है, बल्कि इससे जुड़े अपराध भी बढ़ते जा रहे हैं।
रिपोर्ट: अनीश , (स्थानीय रिपोर्टर, Ballia)












